नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद NTA के कार्यालय का दौरा कर सकती है और यह देख सकती है कि परीक्षा व्यवस्था के लिए तैयार किया गया सिस्टम वास्तव में किस तरह काम कर रहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सिर्फ दस्तावेजों और रिपोर्ट तक ही सीमित नहीं रहने चाहिए। बेंच यह भी जानना चाहती है कि जिन बदलावों और सुरक्षा उपायों की जानकारी अदालत को दी जा रही है, वे व्यवहार में कितने प्रभावी हैं। इसी सिलसिले में अदालत ने NTA के कार्यालय का निरीक्षण करने की संभावना जताई।
स्थायी व्यवस्था और कर्मचारियों को लेकर भी सवाल
सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने NTA की कार्यप्रणाली और उसके पास उपलब्ध स्थायी मानव संसाधन को लेकर भी सवाल उठाए। अदालत के सामने यह मुद्दा आया कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं का संचालन करने वाली एजेंसी के पास पर्याप्त स्थायी कर्मचारी और विशेषज्ञता आधारित व्यवस्था होनी चाहिए। पीठ ने संकेत दिया कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए केवल अस्थायी उपाय पर्याप्त नहीं होंगे।
नंदन नीलेकणि समिति कर रही परीक्षा सुधारों की समीक्षा
केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति NTA की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रही है। समिति ने पहले गठित के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर भी विचार किया है। केंद्र के अनुसार, समिति अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सितंबर के अंत तक प्रस्तुत कर सकती है।
NTA ने अदालत को बताई नई व्यवस्था
सुनवाई के दौरान NTA की ओर से परीक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों की जानकारी भी दी गई। एजेंसी परीक्षा संचालन को अलग-अलग परीक्षा केंद्रित इकाइयों की बजाय फंक्शनल और विशेषज्ञता आधारित ढांचे की ओर ले जाने की प्रक्रिया में है। सुरक्षा, मानव संसाधन और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी बताई गई है।
एनटीए की ओर से अदालत में दाखिल जानकारी में बताया गया कि एजेंसी के संवेदनशील कार्यालयों को दिल्ली के मिंटो रोड स्थित सरकारी परिसर में स्थानांतरित किया गया है। यहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ स्क्रीनिंग और अन्य सुरक्षा उपाय किए गए हैं। अदालत ने NTA से अपने हलफनामे और सुधारों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने को भी कहा है।






