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CBSE की 3 भाषा नीति पर SC ने जताई चिंता, कक्षा 6 के छात्रों को राहत देने का सुझाव, 2027 से लागू करने को कहा 

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर सुनवाई की। बोर्ड को कक्षा 6 के छात्रों को समय देने पर विचार करके का सुझाव दिया है। नीति को 2027 से लागू करने को कहा है। 
CBSE 3 language policy

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को CBSE की तीन भाषा नीति चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को कक्षा 6 के छात्रों को मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के लिए इस पॉलिसी से बाहर निकलने का विकल्प देने पर विचार करने की सलाह दी है। हालांकि कोर्ट ने छात्रों और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह सुझाव दिया, नीति पर कोई सवाल नहीं उठाए हैं।

कोर्ट ने सुझाव दिया है कि कक्षा 7 से 10 तक के वर्तमान बैच के छात्रों के लिए जिन छूटों पर पहले ही विचार किया जा रहा है, उन्हें कक्षा 6 के वर्तमान बैच पर भी लागू करने पर सीबीएसई विचार कर सकता है। हालांकि यह सुझाव कोर्ट ने पहले भी केंद्र सरकार को दिया था।

कक्षा 6वीं को समय देने की सलाह

न्याय मूर्ति बागची ने कहा कि, “आप जनवरी 2027 से इस नीति को कक्षा 6 में अनिवार्य रूप से लागू करने पर पुनर्विचार कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, “यह कानून का मुद्दा नहीं है, बल्कि सुविधा का मुद्दा है। फिलहाल इसे वैकल्पिक बनाया जा सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि, “2020 में इस पॉलिसी की परिकल्पना की गई थी। इसे 2026 की शुरुआती महीना में लागू किया गया। इसे 2027 के शुरुआती महीनों में लागू किया जा सकता है। ताकि  सभी लोगों को इसे बेहतर तरीके से समझने का समय मिल सके।”

छूट में हो सकते हैं बदलाव, 23 सितंबर को अगली सुनवाई

याचिककर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर ने कोर्ट को सूचित किया कि पिछले सुनवाई के बाद सीबीएसई ने कक्षा 6 के छात्रों को छूट देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए सीबीएसई से आग्रह किया कि वे व्यवहारिक समस्या को ध्यान में रखते हुए इस पॉलिसी पर फिर से विचार कर सकते हैं।

एएसजी ने न्यायालय के सुझावों को सीबीएसई तक पहुंचाने पर सहमति जताई है। बुधवार को इस संबंध में निर्देश देने का वादा भी किया है। उन्होंने  कोर्ट को सूचित किया कि अन्य कक्षाओं के छात्रों को पहले से ही नीति को लेकर कुछ छूट दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र इस बात की जांच करेगा। छूट के प्रकार में कुछ बदलाव कर सकते हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को हो सकती है।

Manisha Kumari Pandey
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