दिल्ली के तिलक नगर इलाके में चौंकाने वाली रोडरेज की घटना सामने आई है, जहां बाल कथावाचक अभिनव अरोड़ा के परिवार पर कुछ लोगों ने बर्बरता से हमला कर दिया। दरअसल रात करीब 10 बजे हुई इस वारदात में अभिनव का पूरा परिवार अपनी कार में मौजूद था। वहीं हमलावरों ने बिना किसी उकसावे के कार के शीशे तोड़ डाले और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट भी की, जिससे वे गहरी दहशत में आ गए। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए रोडरेज का केस दर्ज किया है और दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।
दरअसल अभिनव के पिता तरुण राज अरोड़ा ने एक मीडिया चैनल से बात करते हुए घटना के बारे में बताया। उनके मुताबिक, हमलावरों ने अचानक उनकी गाड़ी को रोक लिया और आरोप लगाया कि उनकी कार से एक बच्चे के पैर पर चोट लग गई है। यह आरोप पूरी तरह से निराधार था, लेकिन इसी बात को लेकर एक गंभीर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते, कुछ ही पलों में यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई। हमलावर इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने कार के शीशे तोड़ना शुरू कर दिया, जिससे अंदर बैठे परिवार के सदस्यों में भय फैल गया। कार के अंदर मौजूद बच्चों ने भी इस दौरान डर का अनुभव किया। हमलावरों ने तरुण राज अरोड़ा के साथ भी मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें भी आईं।
तरुण राज अरोड़ा ने बताया कि इस खौफनाक हमले के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को संभाला और पीड़ित परिवार और आरोप लगाने वाले पक्ष को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई। अस्पताल में उस बच्चे की गहन जांच की गई, जिस पर गाड़ी चढ़ने का आरोप लगाया गया था। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि बच्चे को किसी भी तरह की कोई शारीरिक चोट नहीं आई थी। इसके विपरीत, मारपीट के दौरान तरुण राज अरोड़ा को मामूली चोटें आईं थीं, जिनका इलाज किया गया। इस मेडिकल रिपोर्ट ने हमलावरों के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
रोडरेज का मामला दर्ज किया
दरअसल दिल्ली पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से रोडरेज का मामला दर्ज किया। शुरुआती जांच और पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस ने इन संदिग्धों से गहन पूछताछ की और घटनास्थल व आसपास के इलाकों से उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया। व्यापक जांच पड़ताल के बाद, पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों को अब न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य किसी भी संभावित आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच और आगे की पड़ताल अभी भी जारी है।
कथावाचक अभिनव अरोड़ा हुए भावुक
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वहीं इस पूरे दर्दनाक घटनाक्रम से बाल कथावाचक अभिनव अरोड़ा बेहद आहत हुए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर हमले का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो के साथ उन्होंने समाज की बढ़ती असंवेदनशीलता और खुद पर हुए हमले की पीड़ा को व्यक्त करते हुए एक मार्मिक पोस्ट लिखी। उन्होंने लिखा कि “जलते घर को देखने वालो, फूस का छप्पर आप का है। आग के पीछे तेज़ हवा है, आगे मुक़द्दर आप का है। उसके क़त्ल पे मैं भी चुप था, अब मेरा नंबर आया। मेरे क़त्ल पे आप भी चुप हैं, अगला नंबर आप का है।”
दरअसल यह शेर अभिनव की भावनाओं को उजागर करता है और यह दिखाता है कि कैसे एक व्यक्ति की चुप्पी अंततः उसे खुद नुकसान पहुंचा सकती है। यह घटना दिल्ली जैसे व्यस्त महानगर में सड़क पर बढ़ते गुस्से और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक होने की प्रवृत्ति का एक गंभीर उदाहरण पेश करती है। ऐसे में कानून को अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति समाज के लिए चिंता का विषय है। अभिनव अरोड़ा का परिवार अब पुलिस की विस्तृत जांच और हमलावरों को सख्त से सख्त सजा मिलने की उम्मीद कर रहा है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले में निष्पक्ष और गहन जांच जारी रखेंगे ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।






