केरलम, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म हो गया है। तीनों ही जगहों पर मतदाताओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया, जिससे बंपर वोटिंग दर्ज की गई। अब लाखों वोटर्स के फैसले ईवीएम में बंद हो गए हैं। इन चुनावों में कुल 1899 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है, जिसके नतीजे 4 मई को आएंगे और तस्वीर साफ होगी कि अगले पांच साल कौन सत्ता संभालेगा।
असम में 85.10 फीसदी मतदान दर्ज
असम में विधानसभा की 126 सीटों के लिए वोट डाले गए। यहां 85.10 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में काफी ज्यादा है। 2021 में असम में 82.04 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, यानी इस बार वोटिंग प्रतिशत में अच्छा इजाफा देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, दलगांव में सबसे ज्यादा 94.57 फीसदी वोटिंग हुई, जिसने सभी को चौंकाया, जबकि राज्य में सबसे कम 70.40 फीसदी मतदान अमरी में दर्ज किया गया। असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनकी किस्मत अब ईवीएम में कैद है।
असम में बहुमत का आंकड़ा 64 है। पिछले 10 साल से यहां बीजेपी की सरकार है और पार्टी ने राज्य में अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे और राज्य के मौजूदा सीएम हैं, जिन्होंने पूरे चुनाव अभियान में पार्टी की कमान संभाली। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई अपने पिता की राजनीतिक विरासत को बचाने और कांग्रेस को एक बार फिर सत्ता में वापस लाने के लिए सीधी चुनौती दे रहे हैं। राज्य में जलुकबारी, जोरहाट, शिवसागर, नगांव, मरियानी, दिसपुर, धुबरी, करीमगंज और गुवाहाटी सेंट्रल जैसी सीटें हॉट मानी जा रही हैं, जहां दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है।
केरलम में 77.50 फीसदी वोटिंग दर्ज
केरलम में विधानसभा की 140 सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें 77.50 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। यहां भी 2021 के पिछले चुनाव की अपेक्षा मतदाताओं का उत्साह ज्यादा दिखा। पिछले विधानसभा चुनाव में केरलम में 74.06 फीसदी वोट पड़े थे। इस बार कुल 863 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे, जिनकी राजनीतिक तकदीर ईवीएम में बंद हो चुकी है।
केरलम में बहुमत का आंकड़ा 71 है। 2016 से पिनाराई विजयन मुख्यमंत्री हैं और उनकी अगुवाई में एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) सत्ता में है। यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) राज्य में विपक्ष की भूमिका निभा रहा है और इस बार सत्ता वापसी की उम्मीद कर रहा है। अभी तक राज्य की राजनीति में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ही मुख्य टक्कर होती रही है, लेकिन हाल के वर्षों में बीजेपी भी अपनी जड़ें मजबूत कर रही है और त्रिकोणीय मुकाबले की कोशिश में है। राज्य की हॉट सीटों में नेमम, मंजेश्वरम, पलक्कड़, कोट्टारक्करा और त्रिशूर शामिल हैं, जहां नतीजे काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।
पुडुचेरी में सबसे ज्यादा 89.20 फीसदी मतदान
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सबसे ज्यादा 89.20 फीसदी मतदान हुआ, जो असम और केरलम से भी काफी अधिक है। सुबह सात बजे मतदान शुरू होते ही वोटर्स का उत्साह देखते बन रहा था। ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में जबरदस्त चहल-पहल रही और मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। बड़ी संख्या में बुजुर्ग मतदाता और महिलाएं अपने घरों से बाहर निकलकर लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल हुए। यहां चुनाव आयोग की एक अनूठी पहल भी देखने को मिली। एक पोलिंग स्टेशन में रोबोट को तैनात किया गया था, जिसने फूलों से मतदाताओं का स्वागत किया, जो एक नया और दिलचस्प प्रयोग था। पुडुचेरी में कुल 1 हजार 99 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां मतदाताओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया।
पुडुचेरी में बहुमत का आंकड़ा 16 है। केंद्र शासित प्रदेश में कुल 9.44 लाख वोटर्स हैं, जिनमें से 89.20 फीसदी ने मतदान किया। पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए को यहां 44.2 फीसदी वोट के साथ 16 सीटें मिली थीं, जिसके बाद एन रंगास्वामी ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वहीं, यूपीए के खाते में 8 सीटें आई थीं। इस बार भी एनडीए सत्ता बरकरार रखने के लिए चुनावी मैदान में उतरा है, जबकि विपक्ष सत्ता छीनने की पूरी जुगत में है। विपक्ष ने अपने प्रचार अभियान में स्थानीय मुद्दों पर खास फोकस किया था, ताकि मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित कर सके। पुडुचेरी में कुल 294 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।
4 मई को घोषित होंगे नतीजे
कुल मिलाकर, 2 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। असम में 722 उम्मीदवार, केरलम में 863 उम्मीदवार और पुडुचेरी में 294 उम्मीदवार समेत कुल 1899 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। अब इन सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को 4 मई का इंतजार है, जब मतों की गिनती होगी और जनता का जनादेश सामने आएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाताओं ने किस पार्टी और किस नेता पर अपना भरोसा जताया है।






