महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मराठवाड़ा क्षेत्र में रेल परियोजनाओं के लिए 21,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि यूपीए सरकार के दस साल के कार्यकाल में केवल 450 करोड़ रुपये दिए गए थे। बीड-अहिल्यानगर रेल खंड के उद्घाटन के दौरान फडणवीस ने पूर्ववर्ती महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार पर परियोजनाओं में देरी करने और राज्य का 50 प्रतिशत हिस्सा न देने का आरोप लगाया, जिसके कारण रेल परियोजनाएं रुक गई थीं।
फडणवीस ने कहा कि 2014 में उनकी सरकार ने बीजेपी नेता स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे के बीड में रेल लाइन के सपने को पूरा करने का निर्णय लिया था। बीड-अहिल्यानगर खंड (लगभग 130 किमी) का विद्युतीकरण अगले 3-4 महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महायुति सरकार के सत्ता में आने के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ।
रेल लाइन का होगा विस्तार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि इस रेल लाइन को भविष्य में पुणे और मुंबई तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परली-बीड-अहिल्यानगर रेल परियोजना, जिस पर 1996 में काम शुरू हुआ था, पर अब तक 4800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पवार ने लोगों से समुदायों के बीच बढ़ती दूरियों पर विचार करने और जाति-आधारित राजनीति से बचने की अपील की।
सोलापुर-छत्रपति संभाजीनगर रेल लाइन की मांग
बीड के सांसद बजरंग सोनवणे ने सोलापुर-छत्रपति संभाजीनगर रेल लाइन की मांग की, जिससे मध्यम वर्ग को मुंबई की यात्रा और कृषि उत्पादों को बड़े शहरों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके जवाब में पंकजा मुंडे ने कहा कि इस परियोजना का श्रेय उनकी बहन और पूर्व सांसद प्रीतम मुंडे को जाता है। अधिकारियों के अनुसार, बीड और अहिल्यानगर के बीच नियमित ट्रेन सेवा 18 सितंबर से शुरू होगी, जो सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक चलेगी।





