Thu, Jan 1, 2026

DRDO का 68वां स्थापना दिवस: राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को दी बधाई, कहा- ‘नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त करना हमारी जिम्मेदारी’

Written by:Shyam Dwivedi
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) 1 जनवरी 2026 को अपना 68वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO मुख्यालय का दौरा किया और सभी वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई दी है।
DRDO का 68वां स्थापना दिवस: राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को दी बधाई, कहा- ‘नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त करना हमारी जिम्मेदारी’

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) 1 जनवरी 2026 को अपना 68वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने DRDO मुख्यालय का दौरा किया और सभी वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई दी है। साथ ही रक्षा मंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान स्वदेशी हथियार प्रणालियों के निर्णायक प्रदर्शन की जमकर प्रशंसा की।

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान DRDO द्वारा विकसित हथियार प्रणालियों ने निर्णायक भूमिका निभाई, जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा के प्रति संगठन की व्यावसायिकता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि DRDO ने सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों से लैस कर भारत की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत किया है। उनके अनुसार, ऑपरेशन के दौरान DRDO के उपकरणों ने त्रुटिहीन ढंग से कार्य किया, जिससे सैनिकों का मनोबल ऊंचा रहा।

DRDO सिर्फ तकनीक नहीं, भरोसे का निर्माता- राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री ने DRDO की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल प्रौद्योगिकी का निर्माता नहीं, बल्कि ‘भरोसा निर्माता’ भी है, जिस पर लोग आशा, निश्चितता और विश्वास के साथ देखते हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र के साथ DRDO के बढ़ते सहयोग को स्वीकार किया और बताया कि उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्टअप्स के साथ गहन जुड़ाव से एक समन्वित रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हुआ है।

उन्होंने कहा, DRDO ने अपनी प्रणालियों, प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली में लगातार सुधार किया है। खरीद से लेकर परियोजना प्रबंधन तक, उद्योग के साथ जुड़ाव से लेकर स्टार्टअप और एमएसएमई के साथ सहयोग तक, हर स्तर पर काम को आसान, तेज और अधिक विश्वसनीय बनाने के स्पष्ट प्रयास किए जा रहे हैं।

निरंतर सीखना और खुद को चुनौती देना आवश्यक- रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान युग केवल विज्ञान का नहीं, बल्कि निरंतर विकास और सीखने का युग है। उन्होंने कहा कि इस बदलती दुनिया में प्रौद्योगिकी स्कैनिंग, क्षमता आकलन और भविष्य की तैयारी अब केवल शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा, दुनिया हर दिन बदल रही है। प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा नए युद्ध क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे कल का ज्ञान अप्रचलित हो रहा है। हमें कभी यह नहीं मानना चाहिए कि सीखने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। हमें निरंतर सीखते रहना चाहिए और खुद को चुनौती देते रहना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त हो सके।