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मतदाता सूची का Special Intensive Revision, चुनाव आयोग 27 अक्टूबर को करेगा तारीखों का ऐलान! पहले चरण में 10-15 राज्य शामिल

Written by:Ankita Chourdia
Published:
भारत का चुनाव आयोग 27 अक्टूबर को मतदाता सूचियों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की घोषणा करेगा। पहले चरण में 10 से 15 राज्यों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाना है।
मतदाता सूची का Special Intensive Revision, चुनाव आयोग 27 अक्टूबर को करेगा तारीखों का ऐलान! पहले चरण में 10-15 राज्य शामिल

नई दिल्ली: चुनाव आयोग (EC) शुक्रवार, 27 अक्टूबर को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision – SIR के कार्यक्रम की घोषणा करने जा रहा है। शाम 4:15 बजे होने वाली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कर सकते हैं। इस दौरान पहले चरण का विस्तृत शेड्यूल जारी किया जाएगा, जिसमें 10 से 15 राज्यों को शामिल किए जाने की संभावना है।

हालांकि, चुनाव आयोग के मीडिया इन्विटेशन में विषय का साफ रूप से स्पष्ट नहीं किया गया था, लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारिक बयान के हवाले से पुष्टि की है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम पर ही सेन्ट्रलाइजेड होगी।

पहले चरण में इन राज्यों पर रहेगा फोकस

सूत्रों के मुताबिक, पुनरीक्षण के पहले चरण में उन राज्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे महत्वपूर्ण राज्य शामिल हैं। इस प्रक्रिया के जरिए आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को पूरी तरह से अपडेट और एरर फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

चुनाव आयोग इस पूरी प्रक्रिया को लेकर पहले ही राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ दो दौर की बैठकें कर चुका है, ताकि इसे बेहतर रूप से लागू करने की योजना को अंतिम रूप दिया जा सके।

पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य

इस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का एक बड़ा मकसद मतदाता सूचियों को साफ-सुथरा बनाना है। इसके तहत जन्म स्थान के सर्टिफिकेशन के जरिए अवैध विदेशियों की पहचान कर उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे। यह कदम उन राज्यों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों से आए बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की मौजूदगी एक बड़ा मुद्दा रही है।

जिन राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं या जल्द ही होने वाले हैं, वहां मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम बाद के चरणों में किया जाएगा, क्योंकि चुनावी मशीनरी फिलहाल उन चुनावों में व्यस्त है। इस बीच, कई राज्यों ने पिछले पुनरीक्षण अभ्यासों की मतदाता सूचियां ऑनलाइन उपलब्ध करा दी हैं। बिहार ने हाल ही में अपनी मतदाता सूची को अपडेट करने का काम पूरा किया है, और 30 सितंबर तक अंतिम सूची में लगभग 7.42 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं।