प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक के करवार निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सतीश कृष्ण सैल को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला राज्य में अवैध लौह अयस्क निर्यात से संबंधित है। 59 वर्षीय विधायक को मंगलवार देर रात बेंगलुरु में ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया। सैल को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें एक दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया गया। बुधवार को उन्हें फिर से अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग करेगी।
यह मामला 2010 में कर्नाटक लोकायुक्त द्वारा दर्ज एक मामले से शुरू हुआ, जिसमें बेल्लारी से बेलेकेरी बंदरगाह तक लगभग आठ लाख टन लौह अयस्क के अवैध परिवहन का खुलासा हुआ था। ईडी ने इस मामले में 13-14 अगस्त को करवार, गोवा, मुंबई और दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान सैल के आवास से 1.41 करोड़ रुपये नकद, श्री लाल महल लिमिटेड के कार्यालय से 27 लाख रुपये नकद और सैल परिवार के बैंक लॉकर से 6.75 किलोग्राम सोने के आभूषण और बुलियन जब्त किए गए।
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लौह अयस्क फाइन्स का अवैध निर्यात
ईडी का आरोप है कि सैल ने अन्य व्यावसायिक इकाइयों और बेलेकेरी बंदरगाह अधिकारियों के साथ मिलकर 19 अप्रैल, 2010 से 10 जून, 2010 के बीच लगभग 1.25 लाख मीट्रिक टन लौह अयस्क फाइन्स का अवैध निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत 86.78 करोड़ रुपये थी। यह खेप अंकोला के वन विभाग के जब्ती आदेश के अधीन थी। सैल की कंपनी, श्री मल्लिकार्जुन शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड, पर अन्य लोगों के साथ मिलकर अवैध निर्यात करने का आरोप है।
सात साल की जेल की हुई सजा
हालांकि, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पिछले साल सैल की सात साल की जेल की सजा को निलंबित कर दिया था। ईडी की जांच इस विशेष अदालत के दोषसिद्धि आदेश पर आधारित है। सैल पिछले कुछ हफ्तों में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए दूसरे कांग्रेस विधायक हैं। इससे पहले, चित्रदुर्गा के विधायक केसी वीरेंद्र पप्पी को अवैध सट्टेबाजी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था।