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आवारा कुत्तों के लिए मशहूर सिंगर मीका सिंह ने दिखाई दरियादिली, 10 एकड़ जमीन दान करने को तैयार, सुप्रीम कोर्ट से की ये अपील

Written by:Shyam Dwivedi
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बॉलीवुड के मशहूर सिंगर मीका सिंह ने आवारा कुत्तों के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने का फैसला किया है। उन्होंंने कहा कि वह भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्रतापूर्वक अपील करते हैं कि वे ऐसे किसी भी काम से बचने पर विचार करें जिससे कुत्तों की भलाई पर बुरा असर पड़ सकता है।
आवारा कुत्तों के लिए मशहूर सिंगर मीका सिंह ने दिखाई दरियादिली, 10 एकड़ जमीन दान करने को तैयार, सुप्रीम कोर्ट से की ये अपील

शहरों की सड़कों पर आवारा कुत्तों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट में इस गंभीर समस्या पर सुनवाई चल रही है। इस बीच, आवारा कुत्तों के लिए दरियादिली दिखाते हुए बॉलीवुड के मशहूर सिंगर मीका सिंह ने बड़ा कदम उठाया है। मीका सिंह ने आवारा कुत्तों के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने का फैसला किया है। इसकी जानकारी सिंगर ने खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी।

आवारा कुत्तों के लिए जमीन दान करने को तैयार मीका सिंह

बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह ने पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्रतापूर्वक अपील करते हैं कि वे ऐसे किसी भी काम से बचने पर विचार करें जिससे कुत्तों की भलाई पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, मैं आदरपूर्वक कहना चाहता हूं कि मेरे पास काफी जमीन है और मैं सिर्फ कुत्तों की देखभाल, शेल्टर और भलाई के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। मेरा बस एक ही अनुरोध है कि सही मैनपावर और केयरटेकर के तौर पर मदद मिले जो इन जानवरों की जिम्मेदारी से देखभाल कर सकें। मैं शेल्टर बनाने और कुत्तों की सुरक्षा, सेहत और भलाई पक्का करने के मकसद से किए जाने वाले सभी कामों के लिए जमीन देने को तैयार हूं।

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन के संबंध में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए इस बात पर जोर दिया कि उसने कभी भी सभी कुत्तों को सड़कों से हटाने का आदेश नहीं दिया है। तीन-न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने कहा कि उसका प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवारा पशुओं का प्रबंधन पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम, 2023 के अनुसार सख्ती से किया जाए।

बता दें कि कोर्ट ने कुत्ते के काटने की घटनाओं में वृद्धि को स्वीकार किया, जिससे जनता में आक्रोश फैल गया था, लेकिन उसने नसबंदी, टीकाकरण और अंततः कुत्तों को उनके मूल क्षेत्रों में वापस छोड़ने के महत्व पर जोर दिया, जिसका उद्देश्य मानव और पशु दोनों के कल्याण को सुनिश्चित करना है।

बता दें कि इन दिनों सुप्रीम कोर्ट में सार्वजनिक जगहों पर आवारा कुत्तों से होने वाले खतरों को ध्यान में रखते हुए गंभीर चर्चा चल रही है। नगर निगमों की आवारा कुत्तों के प्रति कमजोर व्यवस्था, रेबीज का खतरा और कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे है।