
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मांग की कि सरकार बताए कि ऑपरेशन सिंदूर क्यों रोका गया और 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले पांच आतंकवादी अब तक गिरफ्त से बाहर क्यों हैं। गोगोई ने गृह मंत्री अमित शाह से इस सुरक्षा चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की।
गोगोई ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिंह ने कई सच्चाइयां छिपाईं। उन्होंने पूछा कि आतंकवादी पहलगाम में कैसे घुसे और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के साथ सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की उनकी साजिश को रोकने में सरकार क्यों नाकाम रही। उन्होंने दावा किया कि हमले के 100 दिन बाद भी आतंकियों को पकड़ा नहीं गया, जिसका जवाब देश की जनता मांग रही है।
टूर ऑपरेटरों को दोषी ठहराया
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहलगाम हमले के बाद टूर ऑपरेटरों को दोषी ठहराया, जो उसकी कमजोरी और अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमले के बाद वह पहलगाम जाने के बजाय बिहार में चुनावी भाषण देने गए, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वहां का दौरा किया। गोगोई ने यह भी पूछा कि अगर पाकिस्तान घुटनों पर था, तो युद्धविराम क्यों हुआ और ऑपरेशन सिंदूर को क्यों रोका गया।
सैन्य टकराव में कितने विमान गिरे
गौरव गोगोई ने रक्षा मंत्री से यह भी मांग की कि पाकिस्तान के साथ सैन्य टकराव में कितने विमान गिरे, इसकी जानकारी जवानों और जनता के साथ साझा की जाए। गोगोई ने कहा कि सरकार को सच्चाई से नहीं डरना चाहिए, क्योंकि विपक्ष और देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रधानमंत्री को ऑपरेशन सिंदूर के रुकने का कारण स्पष्ट करना चाहिए।
