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कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ा, अप्रैल से खाते में बढ़कर आएगी सैलरी

Written by:Pooja Khodani
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त्रिपुरा के बाद अब सिक्किम सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को तोहफा देते हुए महगांई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की है, नई दरें जुलाई 2024 से लागू होंगी।
कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ा, अप्रैल से खाते में बढ़कर आएगी सैलरी

Sikkim DA Hike 2025: सिक्किम के सरकारी कर्मचारियों पेंशनरों के लिए खुशखबरी है। राज्य की प्रेम सिंह तमांग सरकार ने चैत्र नवरात्रि और ईद से पहले राज्य कर्मचारियों पेंशनरों को बड़ी सौगात दी है। सिक्किम सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 3% बढ़ा दिया है।

सिक्किम सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महगांई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद डीए/डीआर 50 से बढ़कर 53 फीसदी पहुंच गया है।नई दरें 1 जुलाई 2024 से लागू होंगी, ऐसे में जुलाई 2024 से फरवरी 2025 तक का बकाया एरियर मिलेगा।

क्या लिखा है वित्त विभाग के आदेश में

  • लेखा नियंत्रक सह सचिव वित्त विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया कि, राज्य सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और संशोधित मूल वेतन ढांचे के तहत वेतन पाने वाले पेंशनभोगियों को मिलने वाली महंगाई राहत एक जुलाई, 2024 से मौजूदा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 53 प्रतिशत कर दिया है।
  • पुराने वेतन ढांचे के तहत पेंशन पाने वाले लोगों का डीआर 239 प्रतिशत से बढ़ाकर 246 प्रतिशत किया गया है। यह बदलाव भी 1 जुलाई 2024 से प्रभावी होगा। कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तथा संशोधित मूल वेतनमान से पूर्व के वेतन ढांचे के तहत पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों का डीआर मौजूदा 239 प्रतिशत से बढ़ाकर 246 प्रतिशत किया जाएगा और यह एक जुलाई, 2024 से प्रभावी होगा।

अक्टूबर में बढ़ा था 4 फीसदी महंगाई भत्ता

इससे पहले अक्टूबर 2024 में राज्य सरकार ने जनवरी 2024 से कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 4% बढ़ाया था, जिसके बाद डीए 46% से बढ़कर 50% पहुंच गया था। इसका लाभ राज्य सरकार के नियमित वेतनमान में संशोधित वेतन पाने वाले, कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर्मचारियों और कार्यभारित प्रतिष्ठानों को मिला था।

Pooja Khodani
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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 9 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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