7th Pay Commission News: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए काम की खबर है। केंद्र सरकार ने ड्रेस भत्ते के नियमों में संशोधन किया है। डाक विभाग ने इस संबंध में एक नया आदेश जारी किया है जिसके तहत 1 जुलाई 2025 के बाद नौकरी ज्वाइन करने वाले नए कर्मचारी भी अब इस भत्ते का लाभ उठा पाएंगे।यानि साल के बीच में नौकरी जॉइन करने या सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को ड्रेस अलाउंस अनुपात के हिसाब से मिलेगा।नए नियमों के तहत अक्टूबर 2025 से रिटायर होने वाले कर्मचारियों से जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जाएगी, लेकिन 30 सितंबर 2025 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों से कोई रिकवरी नहीं होगी।
अब इस तरह मिलेगा ड्रेस भत्ते का लाभ
डाक विभाग ने बताया कि जून 2025 में जारी एक पुराने आदेश में कहा गया था कि जुलाई 2025 के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए वित्त मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा गया है और तब तक 2020 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे।अब वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जैसे नए भर्ती कर्मचारी साल के अनुसार ड्रेस भत्ता पाते हैं, वैसे ही साल के बीच में रिटायर होने वाले कर्मचारी भी अनुपातिक ड्रेस भत्ता पाएंगे।नए नियमों के तहत अक्टूबर 2025 से रिटायर होने वाले कर्मचारियों से जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जाएगी, लेकिन 30 सितंबर 2025 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों से कोई रिकवरी नहीं होगी। डाक विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुलाई 2025 से पहले नौकरी में शामिल होने वाले नए कर्मचारियों को ड्रेस अलाउंस जून 2025 तक लागू नियमों के अनुसार ही मिलेगा।
कब और किसे मिलेगा ड्रेस भत्ता का लाभ
ड्रेस भत्ता आमतौर पर जुलाई की सैलरी के साथ दिया जाता है। नए नियमों के तहत अक्टूबर 2025 से रिटायर होने वाले कर्मचारियों से, यदि उन्हें पहले ही अधिक भुगतान हो चुका है, तो अतिरिक्त राशि वसूल (रिकवर) की जाएगी। 30 सितंबर 2025 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों से कोई रिकवरी नहीं की जाएगी।विभाग ने यह भी साफ किया है कि जो कर्मचारी जुलाई 2025 से पहले जॉइन करेंगे, उन्हें पुराने नियमों (जून 2025 तक लागू) के अनुसार ही भत्ता मिलेगा।
ड्रेस अलाउंस क्या है?
ड्रेस अलाउंस वह भत्ता है जो उन कर्मचारियों को केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाता है, जिन्हें ड्यूटी के दौरान यूनिफ़ॉर्म पहनना अनिवार्य होता है। अगस्त 2017 में वित्त मंत्रालय की एक सर्कुलर के अनुसार यह पहले अलग-अलग दिए जाने वाले भत्तों को मिलाकर बनाया गया है, जैसे कपड़े का भत्ता, बेसिक उपकरण भत्ता, यूनिफ़ॉर्म रखरखाव भत्ता, गाउन भत्ता और जूते का भत्ता।






