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GST 2.0: देशभर में लागू हुआ नया टैक्स स्लैब, फ्रिज-टीवी हुए सस्ते, नहीं घटे मोबाइल-लैपटॉप के दाम

Written by:Diksha Bhanupriy
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आज से GST 2.0 देशभर में लागू हो गया है। चलिए जान लेते हैं कि इलेक्ट्रानिक सामानों पर इसका कैसा असर होने वाला है।
GST 2.0: देशभर में लागू हुआ नया टैक्स स्लैब, फ्रिज-टीवी हुए सस्ते, नहीं घटे मोबाइल-लैपटॉप के दाम

देश भर में आज से जीएसटी 2.0 (GST 2.0) के रूप में नया टैक्स स्लैब शुरू हो चुका है। 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई थी जिसमें जीएसटी की दो दर 5% और 18% लागू करने की घोषणा की गई थी। इसी के साथ बार और 28% वाले स्लैब को हटा दिया गया। इन दो दरों को हटाने के बाद 40% का टैक्स तीसरी डर के रूप में जोड़ा गया है जो लग्जरी चीजों पर लगने वाला है।

जब जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई थी उसे समय इन दो दरों को हटाकर एक नई दर जोड़ी गई थी। यह घोषणा की गई थी कि 22 सितंबर से जीएसटी 2.2 के रूप में इस टैक्स स्लैब की शुरुआत हो जाएगी। आज से यह पूरे देश में लागू होने वाली है और इसका सबसे ज्यादा असर इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर पर देखने को मिलेगा।वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, डिश वॉशर ये ऐसी चीज हैं जो 28% के टैक्स स्लैब में आती थी लेकिन आप 18% में आ गई है। टैक्स घटने का सीधा सा मतलब है कि यह चीज सस्ती हो जाएगी। इसे मध्यम वर्ग की परिवारों को काफी राहत मिलने वाली है। हालांकि, मोबाइल और लैपटॉप पर पहले की तरह 18% जीएसटी लागू रहेगा। ऐसे में जो लोग इन चीजों के सस्ता होने का इंतजार कर रहे थे उन्हें अब ऑफर पर निर्भर रहना होगा।

कैसा है GST 2.0 स्लैब

रोजमर्रा की वस्तुओं पर 5% टैक्स लगाया जाएगा। घर के समान और इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर 18% जीएसटी लागू होगा। जितने भी लग्जरी आइटम है उन पर सीधा 40% टैक्स लगाया जाएगा।

कीमतों पर असर

नई टैक्स स्लैप के बाद डिशवॉशर और एयर कंडीशनर की कीमत 3500 से 4500 रुपए तक कम होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। बड़ी स्क्रीन की टीवी की कीमतों में भारी गिरावट की संभावना है। वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर के दाम 8 से 9% तक कम हो सकते हैं।

मोबाइल और लैपटॉप की कीमत

जीएसटी किधर काम तो हुई है लेकिन मोबाइल और लैपटॉप की कीमत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। यह चीज पहले से ही 18% के टैक्स स्लैब में आती है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि मोबाइल और लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को पहले से प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का लाभ मिल रहा था। इनपर अगर टैक्स कम किया गया तो घाटा हो सकता था।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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