भारत एक ऐसा देश है जहां तमाम भाषाएं बोलने वाले लोग रहते हैं। यहां हर भाषा की अपनी खूबी है, जो लोगों के बीच मशहूर है। जब आप अलग-अलग क्षेत्र में जाएंगे तो आपको अलग-अलग भाषाएं सुनने को मिलेगी। हिंदी एक ऐसी भाषा है जो हमारी राष्ट्रभाषा के तौर पर पहचानी जाती है। इसके महत्व और उपयोगिता को दर्शाने के लिए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस सेलिब्रेट किया जाता है।
हिंदी एक बहुत ही खूबसूरत भाषा है जो लोगों का दिल जीतने के लिए पहचानी जाती हैं। दुनिया भर के लोग इसे पसंद करते हैं। यह भाषा नहीं बल्कि भारत की आत्मा और पहचान का प्रतीक है। चलिए जान लेते हैं कि आखिरकार हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है और इसका इतिहास क्या है।
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साल में दो बार हिंदी दिवस (Hindi Diwas 2025)
हिंदी दिवस को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति भी रहती है। उन्हें लगता है कि इसे तो जनवरी में मनाया जाता है लेकिन सितंबर में क्यों मनाया जा रहा है। हम आपको बता दें कि जनवरी की 10 तारीख को जो मनाया जाता है वह विश्व हिंदी दिवस है। वहीं 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस तरह से साल में दो मौके आते हैं जब इस भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला जाता है।
संविधान निर्माण से जुड़ा इतिहास
हिंदी दिवस का इतिहास सीधे संविधान निर्माण से जुड़ा हुआ है। 1918 में सबसे पहले महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में यह सुझाव दिया था कि इसे राष्ट्रीय भाषा बनाया जाना चाहिए। उनके सुविचार ने हिंदी आंदोलन को नई दिशा दी और सालों बाद ही सही लेकिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला।
14 सितंबर को क्यों मनाते हैं
14 सितंबर को मनाया जाने वाला हिंदी दिवस 1949 के समय से प्रसिद्ध है। दरअसल इस दिन हिंदी को देवनागरी लिपि के साथ राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। 1953 से इस दिन को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन को हिंदी के महत्व पर उपयोगिता और प्रकाश डालने के लिए मनाया जाता है। यह वह दिन है जिस दिन हम अपनी मातृभाषा के प्रति आदर दर्शा सकते हैं।
10 जनवरी का क्या महत्व
हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर सम्मान और पहचान दिलाई जा सके इसलिए 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसके इतिहास की बात करें तो 1975 में इस दिन नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसके बाद साल 2006 से 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाने लगा। आपको बता दें कि हिंदी केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर जाते हैं तो भाषण हिंदी में देते हैं।
हिंदी दिवस का उद्देश्य
इस दिन का मुख्य उद्देश्य संविधान सभा के ऐतिहासिक निर्णय को याद करना है, जब हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। युवा पीढ़ी में हिंदी के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके और भाषा के प्रति गर्व की भावना पैदा की जा सके यह भी इस दिन का उद्देश्य है। प्रशासन दैनिक जीवन और शिक्षा संबंधित कार्यों में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देना। इसे एकजुटता और पहचान की भाषा के रूप में स्थापित करना ही इस दिन को मनाया जाने का मुख्य लक्ष्य है।