केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज संसद में बताया कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार उन आतंकियों से बरामद किए गए हैं, जो कल सैन्य अभियान ऑपरेशन महादेव में मारे गए। श्रीनगर के बाहरी इलाके में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों (सुलेमान, अफगान और जिबरान) की पहचान पहलगाम हमले के दोषियों के रूप में हुई। शाह ने लोकसभा को बताया कि इन आतंकियों को खाना सप्लाई करने वाले लोगों को पहले ही हिरासत में लिया गया था, जिन्होंने शवों की पहचान की।
आतंकियों के पास से मिले पाकिस्तानी वोटर पहचान पत्र और पाकिस्तान में बनी चॉकलेट से उनके पाकिस्तानी मूल की पुष्टि हुई। गृह मंत्री ने बताया कि बाईसन घाटी में 26 नागरिकों की नृशंस हत्या में इन आतंकियों की संलिप्तता को विभिन्न स्तरों पर जांच के बाद से इनके पास से दो एके-47 वेरिएंट और एक अमेरिकी एम4 कार्बाइन हथियार बरामद किए गए, जिन्हें चंडीगढ़ ले जाकर रातोंरात जांच में पाया गया कि ये वही हथियार थे। इनका इस्तेमाल पहलगाम हमले में हुआ।
हथियारों पर कई देशों के निशान
सूत्रों के अनुसार, इन हथियारों पर कई देशों के निशान थे जो एक अंतरराष्ट्रीय साजिश की ओर इशारा करते हैं। बरामद हथियारों में रोमानियाई मॉडल, हाइब्रिड रूसी एकेएम और अमेरिकी एम4 कमांडो शामिल थे। ये हथियार एक संगठित आतंकी समूह और सीमा पार से रणनीतिक समर्थन की ओर संकेत करते हैं, जिसकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।
ऑपरेशन महादेव पर क्या कहा
ऑपरेशन महादेव सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त प्रयासों का परिणाम था। आतंकियों की गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियों की नजर थी और उनकी अत्यधिक एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली ने उनकी लोकेशन का खुलासा कर दिया, जिसके बाद दाचीगाम जंगल में मुठभेड़ हुई। सुरक्षा बलों को शक है कि ये आतंकी जम्मू-कश्मीर में किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे।






