INDIA गठबंधन की बैठक आज, DMK ने बनाई दूरी, कांग्रेस के सामने एकजुटता की चुनौती

विपक्षी गंठबंधन INDIA की आज दिल्ली में एक बैठक रखी गई है। विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनाव के जो नतीजे आए हैं, उसके बाद विपक्षी खेमे में उथल पुथल देखने को मिल रही है। कुछ पार्टियां अभी भी गंठबंधन के साथ हैं, वहीं कुछ नाराज चल रही हैं।
INDIA alliance meeting

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद जो राजनीतिक परिस्थितियां निर्मित हुई हैं। उसी बीच INDIA गंठबंधन ने आज एक मीटिंग बुलाई है। वैसे तो ये बैठक पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों, नीट पेपर लीक मामले, सीबीएसई ओएसएम जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए बुलाई है, लेकिन DMk का इससे किनारा करना चर्चा में बना हुआ है।

चुनाव नतीजे के बाद तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी खेमे के कुछ क्षेत्रीय दलों के अंदर खलबली मचती देखी जा रही है। ऐसे में कांग्रेस के सामने INDIA गठबंधन को एक जो बनाए रखने की चुनौती खड़ी हुई दिखाई दे रही है। इस बैठक का एक उद्देश्य गठबंधन को सियासी ट्रैक पर रखना की कोशिश भी हो सकता है।

कौन से दल होंगे शामिल

तमिलनाडु में चुनाव के बाद जो समीकरण बदले हैं उसे देखते हुए द्रमुक ने गठबंधन की बैठक में आने से इनकार कर दिया है। वहीं केरल चुनाव के बाद वामपंथी दल भी कांग्रेस से खुश नहीं है। इन सब के बीच कांग्रेस ने विपक्षी दलों के एकजुटता का दावा करते हुए यह कहा है कि भारत की तरह INDIA गठबंधन अपनी विविधता के साथ एकजुट होकर खड़ा हुआ है और सोमवार यानी आज की बैठक में 23 पार्टियां शामिल होंगी।

जयराम रमेश ने किया X पर पोस्ट

इस बैठक के संबंध में कांग्रेस संचार महासचिव जयराम रमेश ने दोपहर 12 बजे दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में होने वाली बैठक के बारे में सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट की है। उन्होंने कहा “कुछ दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में और असमर्थता जताई है। लेकिन उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध किया है जो लाखों भारतीयों से उनका वोट देने का अधिकार छीन रही है और संविधान पर हमला कर रही है। जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।”

आगे उन्होंने लिखा लगातार “महंगाई के जरिए घरेलू बजट को बिगाड़ रही है। करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। युवाओं की उम्मीद और आकांक्षाओं के साथ विश्वास घात हो रहा है। निवेश के मौके कमजोर हो रहे हैं और विदेश नीति के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता किया जा रहा है।” अपनी इस पोस्ट के जरिए जय राम रमेश ने विपक्षी दलों की बैठक का एजेंडा साफ कर दिया है। यह पता चल रहा है कि विपक्षी दल मोदी सरकार को गिरने की रणनीति पर काम करने वाले हैं।

गठबंधन में हलचल

विधानसभा चुनाव की जो नतीजे सामने आए हैं उसके बाद विपक्षी खेलने में हलचल देखने को मिल रही है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को जो हार मिली है उसके बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक विखराव देखने को मिलता है। इस तूफान को थामने के लिए टीएमसी विपक्षी गठबंधन का दामन थामना चाहती है। तमिलनाडु में टीवीके को समर्थन देकर कांग्रेस ने दो दशक पुराना गठबंधन तोड़ दिया है। इसके बावजूद भी वो द्रमुक को विपक्षी खेमे का करीबी मान रही है। लेकिन स्टालिन ने बैठक से किनारा कर नाराज की जाहिर कर दी है।

वहीं कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने केरल में वामपंथी दलों पर भाजपा के साथ मिलीभगत के जो आरोप लगाए हैं, उससे माकपा नाराज है। इस संबंध में पार्टी महासचिव में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक पत्र लिखकर स्पष्टीकरण भी मांगा है। ऐसे में अब कांग्रेस के सामने मोदी सरकार के खिलाफ रणनीति बनाने की कोशिश के साथ गठबंधन से जुड़े दलों को एकजुट रखने की चुनौती भी खड़ी हुई है।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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