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‘हमास के आंकड़ों पर न करें भरोसा’, प्रियंका गांधी के आरोपों पर इजरायली राजदूत का क्या जवाब

Written by:Mini Pandey
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अजार ने जनसांख्यिकीय चिंताओं का जवाब देते हुए कहा, "पिछले 50 वर्षों में गाजा की आबादी 450% बढ़ी है, वहां कोई नरसंहार नहीं हो रहा।"
‘हमास के आंकड़ों पर न करें भरोसा’, प्रियंका गांधी के आरोपों पर इजरायली राजदूत का क्या जवाब

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा इजरायल पर फिलिस्तीन में नरसंहार के आरोप लगाने के बाद भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका गांधी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, “इजरायली राज्य नरसंहार कर रहा है। इसने 60,000 से अधिक लोगों को मार डाला, जिनमें 18430 बच्चे थे। इसने सैकड़ों लोगों को भुखमरी से मारा जिसमें कई बच्चे शामिल हैं और लाखों को भुखमरी की धमकी दे रहा है।” उन्होंने वैश्विक चुप्पी की निंदा करते हुए कहा कि इन अपराधों को चुप्पी और निष्क्रियता से बढ़ावा देना भी एक अपराध है, साथ ही उन्होंने भारतीय सरकार की चुप्पी को शर्मनाक बताया।

इसके जवाब में राजदूत अजार ने प्रियंका गांधी के दावों को धोखा करार देते हुए कहा, “इजरायल ने 25000 हमास आतंकवादियों को मार गिराया। मानव जीवन की भयानक क्षति हमास की नीच रणनीति से हुई है जो नागरिकों के पीछे छिपकर, निकासी या सहायता लेने की कोशिश कर रहे लोगों पर गोलीबारी और रॉकेट हमले करता है।” उन्होंने इजरायल के मानवीय प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि इजरायल ने गाजा में 20 लाख टन खाद्य सामग्री पहुंचाई, जबकि हमास इसे हड़पने की कोशिश करता है, जिससे भुखमरी पैदा हो रही है।

गाजा की आबादी 450% बढ़ी

अजार ने जनसांख्यिकीय चिंताओं का जवाब देते हुए कहा, “पिछले 50 वर्षों में गाजा की आबादी 450% बढ़ी है, वहां कोई नरसंहार नहीं हो रहा।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सावधान करते हुए कहा, “हमास के आंकड़ों पर भरोसा न करें।” इस बीच, प्रियंका गांधी ने गाजा में अल जजरा के पांच पत्रकारों की हत्या की निंदा की, इसे जघन्य अपराध बताते हुए इजरायली राज्य पर सच्चाई को दबाने के लिए हिंसा और घृणा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

गाजा पट्टी में बढ़ती हिंसा

यह तीखा आदान-प्रदान गाजा पट्टी में बढ़ती हिंसा और नागरिक हताहतों पर वैश्विक बहस के बीच हुआ है। प्रियंका गांधी ने अपने एक्स पोस्ट में पत्रकारों की हत्या की निंदा करते हुए कहा, “जो लोग सच्चाई के लिए खड़े होने की हिम्मत करते हैं, उनकी अदम्य साहस को इजरायली राज्य की हिंसा और घृणा कभी नहीं तोड़ सकती।” यह विवाद गाजा में मानवीय संकट और बढ़ते तनावों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ती निगरानी को रेखांकित करता है।

Mini Pandey
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