समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने बुधवार को सरकार से सवाल किया कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम क्यों चुना गया, जबकि इस हमले में कई महिलाओं का सिंदूर उजड़ गया। राज्यसभा में पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान उन्होंने यह सवाल उठाया। जया ने हमले में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अवास्तविक लगती है, जहां लोग आए, कई मारे गए और फिर भी कुछ नहीं हुआ।

जया बच्चन ने सरकार पर जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति का दावा कर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवाद खत्म होने का दावा किया था, जिसके भरोसे लोग पर्यटक के रूप में पहलगाम गए, लेकिन वहां उनकी जान चली गई। उन्होंने मांग की कि सरकार को पीड़ितों से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उसके दावों के कारण ही लोग वहां गए और यह हादसा हुआ।

अपनों के सामने मार डाला

सपा सांसद ने कहा कि आतंकियों ने लोगों को उनके अपनों के सामने मार डाला, जो बेहद दुखद और असामान्य है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार 26 लोगों की सुरक्षा नहीं कर सकती तो आत्मनिर्भरता और हथियार निर्माण की बातें बेकार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा से कोई समाधान नहीं निकलता और सरकार को लोगों में यह विश्वास जगाना चाहिए कि वह उनकी रक्षा कर सकती है।

मानवता से बड़ा कोई हथियार नहीं

जया बच्चन ने रक्षा मंत्री के आत्मनिर्भरता के दावों पर भी तंज कसा और कहा कि मानवता से बड़ा कोई हथियार नहीं। उन्होंने सरकार से विनम्रता अपनाने और देशवासियों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने की अपील की। जया बच्चन के इस भाषण की सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है और लोग अपनी-अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।