कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ किया कि उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने किसी को भी उनका उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया। यतींद्र के हालिया बयान ने कांग्रेस की कर्नाटक इकाई में हलचल मचा दी थी। बुधवार को बेलगावी जिले के चिक्कोडी में यतींद्र ने कहा था, “वह (सिद्धारमैया) अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम चरण में हैं। ऐसे समय में प्रगतिशील विचारधारा वाले लोगों को नेतृत्व करने के लिए एक नेता की जरूरत है।” उन्होंने मंत्री सतीश जारकीहोली को समान प्रगतिशील विचारधारा वाला नेता बताया था।
यतींद्र के इस बयान को सिद्धारमैया के उत्तराधिकारी की घोषणा के रूप में देखा गया। यह बयान ऐसे समय में आया जब कर्नाटक के सत्ता गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि 2023 में बनी “रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूला” के तहत नवंबर में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सिद्धारमैया की जगह ले सकते हैं। सिद्धारमैया, जो इस नवंबर में मुख्यमंत्री के रूप में ढाई साल पूरे करेंगे, पहले कह चुके हैं कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।
बयान को गलत तरीके से पेश किया
पत्रकारों से बात करते हुए सिद्धारमैया ने यतींद्र के बयान को गलत तरीके से पेश करने के लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “अगर उनके बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया तो मैं क्या कर सकता हूं? मैंने यतींद्र से बात की और पूछा कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा। उन्होंने बताया कि वह केवल सिद्धांतों की बात कर रहे थे, न कि यह कहा कि ‘अमुक व्यक्ति’ को मुख्यमंत्री बनना चाहिए।” सिद्धारमैया ने उत्तराधिकार को लेकर चल रही अटकलों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मीडिया बार-बार ऐसे सवाल उठाता रहता है।
शिवकुमार का क्या आया जवाब
इस बीच, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि वह इस मुद्दे पर संबंधित व्यक्ति से बात करेंगे। पत्रकारों के सवाल पर कि यतींद्र को उनके बयान के लिए नोटिस क्यों नहीं दिया गया, शिवकुमार ने कहा, “मैं अभी कुछ नहीं बोलूंगा, लेकिन जिससे बात करनी होगी, उससे बात करूंगा।” हाल ही में, कांग्रेस के दो विधायकों, एच.डी. रंगनाथ और एच.ए. इकबाल हुसैन को शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले बयान के लिए नोटिस जारी किया गया था।





