लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर केंद्र सरकार और स्थानीय संगठनों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के विफल होने की खबरों पर सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है। लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में वार्ता को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो कि तथ्यों पर आधारित नहीं है।
कुंद्रा ने एक बयान जारी कर कहा कि गृह मंत्रालय की उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) के साथ लेह एपेक्स बॉडी (ABL) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के प्रतिनिधियों की बातचीत व्यापक और रचनात्मक रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार जल्द ही अगले दौर की वार्ता के लिए प्रतिबद्ध है।
तीन साल बाद हुई थी महत्वपूर्ण बैठक
जानकारी के मुताबिक, यह महत्वपूर्ण बैठक पिछले हफ्ते हुई थी, जिसमें करीब तीन साल के अंतराल के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आए थे। इस बैठक में ABL और KDA ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने जैसी प्रमुख मांगें रखी थीं। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, समिति ने सभी मांगों को ध्यान से सुना और लद्दाख के विकास से संबंधित मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन भी दिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं का एक लोकतांत्रिक और सर्वमान्य समाधान खोजना था। सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार लद्दाख के सभी हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से संवाद कर रही है ताकि एक आम सहमति बनाई जा सके।
‘अटकलों और अफवाहों से बचें’
बैठक के बाद कुछ मीडिया संस्थानों में खबरें प्रकाशित हुईं कि बातचीत विफल हो गई है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। इसी पृष्ठभूमि में मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने लद्दाख के निवासियों से संयम बरतने की अपील की।
“मैं लद्दाख के लोगों और सभी हितधारकों से अपील करता हूं कि वे अटकलों और अफवाहों से बचें और सरकार का उद्देश्य लद्दाख की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का निष्पक्ष और न्यायसंगत समाधान निवासियों के हितों को ध्यान में रखकर निकाला जाएगा।” — आशीष कुंद्रा, मुख्य सचिव, लद्दाख
मुख्य सचिव ने दोहराया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक परामर्श की प्रक्रिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लद्दाख के भविष्य के लिए एक स्थायी समाधान खोजने की दिशा में काम कर रही है। अगले दौर की बातचीत की तारीख जल्द ही तय होने की उम्मीद है।





