आज केवल वैलेंटाइन डे नहीं बल्कि काला दिन कहे जाने वाले पुलवामा हमले की बरसी भी है। हमले को 7 साल गुजर चुके हैं लेकिन इसके घाव आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। ये वही दिन है जब भारत ने अपने 40 सीआरपीएफ जवानों को खो दिया था।
इस आतंकी हमले की बरसी को देखते हुए पूरे जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। घाटी और उच्च पर्वतीय इलाकों में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। हर जगह औचक तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रवासी श्रमिकों और अल्पसंख्यक बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलवामा बरसी पर सर्च ऑपरेशन
आज के दिन को देखते हुए प्रशासन काफी अलर्ट है। बीते ही दिन श्रीनगर के लाल चौक में सुरक्षा एजेंसी की तरफ से बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कई संवेदनशील जगहों पर नाके तैनात किए गए हैं। होटल, लॉज और बिजनेस सेंटरों की गहन जांच की जा रही है। होटल मालिकों को रहने वाले लोगों का पूरा विवरण देकर वेरिफिकेशन करने को कहा गया है। यह सर्च अभियान एहतियात के तौर पर चलाया गया ताकि संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
VIDEO | Srinagar: Security forces conduct searches at hotels near Ghanta Ghar as the city remains on high alert ahead of February 14, marking eight years since the Pulwama attack.
(Full video available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/heLOPBkLI1
— Press Trust of India (@PTI_News) February 13, 2026
ड्रोन के जरिए निगरानी
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं और चप्पे चप्पे पर सीसीटीवी कैमरा और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एजेंसियों की निगरानी है ताकि किसी भी तरह का भड़काऊ संदेश या अफवाह ना फैलाई जा सके। प्रशासन में आम लोगों से सतर्क रहने और सहयोग देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या नजदीकी सुरक्षा बल को देने की सलाह भी दी गई है।
पुलवामा हमले की पूरी कहानी
ये हमला 14 फरवरी 2019 को दोपहर 3:10 मिनट पर जम्मू श्रीनगर हाईवे पर हुआ था। CRPF के 2500 से ज्यादा जवानों का काफिला जब हाईवे से गुजर रहा था। तब पुलवामा के लेथपोरा में तेजी से आई एक कार जवानों की बस से टकरा गई। इस कार में 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक था जो कुछ ही सेकंड में आग के गोले में तब्दील हो गया। इसमें 40 से ज्यादा जवानों की जान चली गई थी।
आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। जैसे ही इस घटना की जानकारी लोगों को लगी पूरे देश में शोक की लहर दौड़ा गई। भारत माता के वीर जवानों के बलिदान से हर कोई आहत था। हम लेकर 12 दिन बाद भारत ने मुंह तोड़ जवाब दिया और बालाकोट में एयर स्ट्राइक की गई। इस स्ट्राइक में कई आतंकियों को मार गिराया गया। तभी से 14 फरवरी को शहीदों की याद के दिन के रूप में मनाया जाता है।





