दिल्ली में आयोजित एक प्रमुख बिज़नेस समिट के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देर रात मुलाकात हुई। फोटो सेशन के दौरान पीएम मोदी ने सीएम सैनी को अपने बगल में बिठाया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने प्रदेश से जुड़े अहम मसलों पर विस्तृत चर्चा की।
इस बातचीत में 20 फरवरी को शुरू होने जा रहे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र पर भी चर्चा हुई। साथ ही भारत और यूरोपियन संघ के बीच हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौते से राज्य को मिलने वाले अवसरों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।
यूरोपियन व्यापार समझौते को बताया ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री सैनी ने भारत-यूरोपियन मुक्त व्यापार समझौते को हरियाणा के लिए व्यापार के नए द्वार खोलने वाला करार दिया। उन्होंने इसे केवल एक व्यापारिक समझौता न मानते हुए दोनों सभ्यताओं, लोकतांत्रिक परंपराओं और विकास यात्राओं के बीच विश्वास और साझेदारी का सेतु बताया।
सीएम ने कहा कि यूरोपीय संघ के 27 देशों का यह विशाल बाजार विश्व की सर्वोच्च गुणवत्ता मानकों और क्रय-शक्ति के लिए जाना जाता है। इस समझौते के माध्यम से अब हरियाणा और भारत के उत्पादों के लिए यूरोप के द्वार पूरी तरह खुल गए हैं। उन्होंने राज्य के उद्यमियों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
हरियाणा-यूरोपियन संघ वर्किंग ग्रुप की घोषणा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा-यूरोपियन संघ वर्किंग ग्रुप की स्थापना की महत्वपूर्ण घोषणा की। इस वर्किंग ग्रुप का उद्देश्य व्यापार समझौते से मिलने वाले अवसरों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
सैनी ने बताया कि शून्य सीमा शुल्क व्यवस्था के तहत राज्य के कपड़ा, चमड़ा और हस्तशिल्प उद्योगों को अब भारी करों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे हरियाणा के उत्पाद यूरोप में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे और निर्यात में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है।
किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी सेवाएं, डेटा विज्ञान और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में यूरोप में प्रदेश के युवाओं के कौशल की मांग बढ़ेगी। लाखों उच्च-स्तरीय रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। किसानों के लिए भी यह समझौता आशा की नई किरण लेकर आया है।
सैनी ने बताया कि अब हरियाणा के फल, सब्जियां और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद सीधे यूरोप के प्रमुख बाजारों तक पहुंचेंगे। ब्रुसेल्स, बर्लिन और पेरिस के सुपरमार्केट में प्रदेश के किसानों की मेहनत की उपज दिखाई देगी।
“हम अपने सामान की गुणवत्ता पर ध्यान दें, ताकि दुनिया भर में हमारे उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़े।” — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में निवेशकों के लिए पारदर्शी और भरोसेमंद वातावरण है। राज्य सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस को सरल बनाया है, आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया है तथा श्रम कानूनों में सुधार कर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता दी है।
सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार का संदेश है कि निवेशक प्रदेश में आएं, निवेश करें और सरकार उनकी सफलता की सहभागी बनेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि 2047 में हरियाणा की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के लिए सभी प्रदेशवासियों का योगदान आवश्यक है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2026 में हुआ यह समझौता प्रदेश के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। हरियाणा को देश का उद्योगिक इंजन माना जाता है और राज्य सरकार मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाने जा रही है, जिसका मूल मंत्र यूरोपियन गुणवत्ता और भारतीय प्रतिभा का संगम होगा।





