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रीगल पर मेट्रो परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ स्कूली बच्चों का 15 फरवरी को विरोध प्रदर्शन

Written by:Bhawna Choubey
Published:
इंदौर के रीगल तिराहे पर 15 फरवरी को स्कूली बच्चे मानव श्रृंखला बनाकर पेड़ों की कटाई का विरोध करेंगे। यह प्रदर्शन बच्चों और पर्यावरण के भविष्य के लिए भावुक और जरूरी कदम है।
रीगल पर मेट्रो परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ स्कूली बच्चों का 15 फरवरी को  विरोध प्रदर्शन

इंदौर के रानीसराय क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए प्रस्तावित 250 पेड़ों की कटाई ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के स्कूली बच्चे अब इस मुद्दे पर सामने आ रहे हैं। 15 फरवरी को रीगल तिराहे पर ये बच्चे मानव श्रृंखला बनाकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे, ताकि प्रशासन और सरकार का ध्यान पेड़ों की कटाई और पर्यावरण संरक्षण की ओर जाए।

यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह भावी पीढ़ी का संदेश है कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण कितनी जरूरी है। रानीसराय के पेड़ सैकड़ों पक्षियों का घर हैं, और स्थानीय लोग शाम के समय इन पर दाना डालने आते हैं। अगर ये पेड़ कट गए तो सिर्फ पक्षियों का घर नहीं, बल्कि शहर का पर्यावरण भी प्रभावित होगा।

मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए कटेंगे पेड़

रानीसराय में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए प्रस्तावित 250 पेड़ों की कटाई से न केवल पेड़ों और पक्षियों का नुकसान होगा, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ेगा। पेड़ केवल हवा को शुद्ध नहीं करते, बल्कि गर्मी कम करने, बारिश के पानी को सोखने और स्थानीय जलवायु को संतुलित रखने में भी मदद करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटने से शहर में प्रदूषण बढ़ सकता है, पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं के जीवन पर असर पड़ेगा और आसपास के क्षेत्रों में हरियाली घट सकती है। यह सिर्फ इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे शहरवासियों के लिए चिंता का विषय है।

बच्चों की मानव श्रृंखला

जनहित पर्यावरण मंच के आह्वान पर आयोजित यह प्रदर्शन बच्चों के भविष्य और पर्यावरण संरक्षण की ओर लोगों का ध्यान खींचने का प्रयास है। मंच का कहना है कि बच्चों की सहभागिता यह दिखाती है कि भविष्य की पीढ़ी अपने अधिकारों और पर्यावरण के महत्व को समझती है।

इस मानव श्रृंखला के जरिए बच्चों का उद्देश्य शासन और प्रशासन को यह संदेश देना है कि पेड़ सिर्फ लकड़ी के स्रोत नहीं, बल्कि जीवन के लिए जरूरी हैं। यह कदम शहरवासियों में भी जागरूकता फैलाने में मदद करेगा।

पहले हुए धरने और हाईकोर्ट की रोक

जनहित पर्यावरण मंच पहले भी लगातार विरोध प्रदर्शन करता रहा है। जनवरी के महीने में भी ठंड के बावजूद रानीसराय में धरना दिया गया था। इसका मकसद पेड़ों की कटाई पर स्थायी रोक लगवाना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना था।

हाल ही में, हाईकोर्ट ने 16 फरवरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। इसका मतलब है कि 15 फरवरी का प्रदर्शन सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम है ताकि स्थायी समाधान निकल सके और पेड़ों को बचाया जा सके।

पेड़ों का महत्व और पर्यावरणीय चेतना

पेड़ केवल हमें ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि शहर की हरियाली, पानी की आपूर्ति, पक्षियों और जानवरों का आश्रय स्थल, और गर्मी नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं। रानीसराय के पेड़ सैकड़ों पक्षियों का घर हैं। अगर ये कट गए तो न केवल पक्षियों का घर खत्म होगा, बल्कि बच्चों और शहरवासियों के लिए भी यह पर्यावरणीय नुकसान होगा। स्कूल के बच्चे इस प्रदर्शन के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ वयस्कों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों की जिम्मेदारी है।

 

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