कैथल: हरियाणा में एक बार फिर मंत्री अनिल विज का गुस्सा पुलिस अधिकारी पर फूटा है। इस बार कैथल में जिला शिकायत समिति की बैठक के दौरान परिवहन मंत्री अनिल विज और जिले की एसपी उपासना के बीच एक पुलिसकर्मी के निलंबन को लेकर तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि मंत्री ने एसपी को बैठक छोड़कर जाने तक के लिए कह दिया।
यह पूरा घटनाक्रम तब हुआ जब बैठक में जमीन धोखाधड़ी से जुड़ा एक मामला सामने आया, जिसमें एक पुलिस वाले की संलिप्तता की शिकायत की गई थी। शिकायत सुनने के बाद मंत्री अनिल विज ने तुरंत आरोपी पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया।
एसपी ने क्यों कहा- ‘मेरे पास पावर नहीं’
मंत्री के आदेश पर कैथल की एसपी उपासना ने कहा कि वह इस पुलिसकर्मी को सस्पेंड नहीं कर सकतीं क्योंकि यह मामला कुरुक्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में आता है और उनके पास इसकी पावर नहीं है। एसपी के इस जवाब से अनिल विज भड़क गए।
“अगर आपके पास पावर नहीं है तो बैठक से उठकर चली जाएं।”- अनिल विज, परिवहन मंत्री, हरियाणा
मंत्री के इस रुख के बाद माहौल गरमा गया। हालांकि, एसपी उपासना ने कहा कि वह निलंबन के लिए संबंधित उच्च अधिकारी को पत्र लिखेंगी, लेकिन तब तक विज का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
पहले भी दिखा है विज का ‘गब्बर’ अवतार
यह कोई पहला मौका नहीं है जब अनिल विज का पुलिस अधिकारियों के साथ टकराव हुआ हो। अपने ‘गब्बर’ उपनाम से मशहूर विज पहले भी कई बार पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें सस्पेंड करने के आदेश दे चुके हैं।
साल 2024 में अंबाला में लगे जनता दरबार का एक किस्सा काफी चर्चित हुआ था। एक महिला अपनी शिकायत लेकर रोने लगी कि मंत्री के आदेश के बावजूद उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। इस पर विज ने अंबाला कैंट सदर थाने के SHO को फोन पर ही जमकर फटकार लगाई थी और कहा था, “क्या अब तुम जजों के काम थाने में करोगे?” इसके बाद उन्होंने SHO को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया था। कैथल की यह घटना उसी कड़ी की एक और मिसाल है।





