Hindi News

Windows 11 में माइक्रोसॉफ्ट ने Baseline Security Mode फीचर लॉन्च किया, खतरनाक अनसाइन सॉफ्टवेयर और ड्राइवर्स होंगे ऑटोमैटिक ब्लॉक

Written by:Rishabh Namdev
Published:
माइक्रोसॉफ्ट ने Windows 11 की सुरक्षा मजबूत करने के लिए Baseline Security Mode नाम का नया फीचर रोल आउट किया है। यह फीचर किसी भी अनसाइन एप्लीकेशन, सर्विस और ड्राइवर को ऑपरेटिंग सिस्टम में घुसने से पहले ब्लॉक कर देगा, जिससे यूजर्स की गलती से डाउनलोड हुए रिस्की सॉफ्टवेयर भी रन नहीं हो पाएंगे।
Windows 11 में माइक्रोसॉफ्ट ने Baseline Security Mode फीचर लॉन्च किया, खतरनाक अनसाइन सॉफ्टवेयर और ड्राइवर्स होंगे ऑटोमैटिक ब्लॉक

Microsoft ने Windows 11 यूजर्स के लिए सुरक्षा की एक नई परत जोड़ दी है। कंपनी ने हाल ही में Windows Baseline Security Mode नाम का एक अहम फीचर रोल आउट किया है, जो खतरनाक सॉफ्टवेयर को सिस्टम में घुसने से पहले ही रोक देगा।

यह फीचर खासतौर पर उन अनसाइन्ड एप्लीकेशंस, सर्विसेस और ड्राइवर्स को टारगेट करता है जो बैकग्राउंड में चुपचाप काम करते रहते हैं। अगर कोई यूजर गलती से ऐसा कोई संदिग्ध सॉफ्टवेयर या ऐप डाउनलोड कर लेता है, तो Windows अपने स्तर पर उसे इंस्टॉल होने से रोक देगी।

कोड साइनिंग चेक करेगा नया सिस्टम

Baseline Security Mode सिस्टम लेवल पर काम करता है। दरअसल, ड्राइवर्स और बैकग्राउंड सर्विसेस के जरिए किसी कंप्यूटर सिस्टम में घुसपैठ करना अपेक्षाकृत आसान होता है। साइबर अटैकर्स इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं। एक बार इंस्टॉल होने के बाद ये खतरनाक प्रोग्राम दूसरी एप्लीकेशंस को मॉनिटर कर सकते हैं और लगातार बैकग्राउंड में सक्रिय रहते हैं।

नए फीचर के साथ Windows अब कोड साइनिंग पर कड़ी निगरानी रखेगी। अगर कोई प्रमाणित और साइन किया हुआ सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होता है तो यह फीचर उसमें दखल नहीं देगा। लेकिन जिन सॉफ्टवेयर में अनसाइन कोड होगा, उन्हें यह सिस्टम इंस्टॉल होने से पहले ही ब्लॉक कर देगा।

यूजर कन्सेंट सिस्टम होगा विस्तारित

Baseline Security Mode के साथ ही माइक्रोसॉफ्ट यूजर ट्रांसपेरेंसी एंड कन्सेंट मैकेनिज्म को भी विस्तारित कर रही है। इसके तहत जब भी कोई एप्लीकेशन सेंसेटिव डिवाइस फीचर्स या डेटा का इस्तेमाल करने की कोशिश करेगी, यूजर को तुरंत प्रॉम्प्ट मिल जाएगा।

अब अगर कोई भी सॉफ्टवेयर माइक्रोफोन, कैमरा, फाइल्स या सिस्टम लेवल परमिशन एक्सेस करना चाहेगा तो यूजर को इसकी सूचना मिलेगी। यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि आजकल कई सॉफ्टवेयर के साथ अतिरिक्त इंस्टॉलर्स आते हैं, जिन्हें विभिन्न परमिशन की आवश्यकता होती है।

सेंसेटिव डेटा तक पहुंच होगी कठिन

नए अपडेट से इन इंस्टॉलर्स के लिए सेंसेटिव डिवाइस सेटिंग्स और यूजर डेटा तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। यह कदम Windows 11 की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार माना जा रहा है, खासकर उन यूजर्स के लिए जो तकनीकी रूप से बहुत जानकार नहीं हैं और गलती से खतरनाक सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लेते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरों के मद्देनजर उठाया गया है, जहां मैलवेयर और स्पाइवेयर लगातार नए तरीकों से यूजर्स को निशाना बना रहे हैं।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !