Hindi News

गूगल ने एंड्रॉयड फोन यूजर्स को दी गंभीर चेतावनी, अगर फोन में यह एक सेटिंग अपडेट नहीं की तो चोरी हो सकता है सारा डेटा

Written by:Rishabh Namdev
Published:
गूगल ने दुनियाभर के करोड़ों एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। कंपनी के अनुसार, जो लोग पुराने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे मालवेयर और स्पाईवेयर के गंभीर खतरे में हैं। अगर समय रहते फोन को अपडेट नहीं किया गया तो निजी डेटा, फोटो और बैंकिंग जानकारी हैकर्स के हाथ लग सकती है।
गूगल ने एंड्रॉयड फोन यूजर्स को दी गंभीर चेतावनी, अगर फोन में यह एक सेटिंग अपडेट नहीं की तो चोरी हो सकता है सारा डेटा

दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने दुनियाभर के एंड्रॉयड स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए एक रेड अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के मुताबिक, करोड़ों यूजर्स एक बड़े साइबर हमले के जोखिम में हैं, जिसकी मुख्य वजह उनके फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) है। अगर आपने भी अपने फोन की एक जरूरी सेटिंग को नजरअंदाज किया है, तो आपका निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है।

गूगल की रिपोर्ट और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह खतरा उन डिवाइस पर सबसे ज्यादा है जो पुराने एंड्रॉयड वर्जन पर चल रहे हैं। हैकर्स ऐसे फोन को आसानी से अपना निशाना बना सकते हैं, जिनमें नियमित सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलते। इससे आपके फोन में मौजूद फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट्स और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी गलत हाथों में पड़ सकती है, जिसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है।

कौन से यूजर्स सबसे ज्यादा खतरे में हैं?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो स्मार्टफोन Android 13 या उससे भी पुराने वर्जन पर काम कर रहे हैं, वे सबसे अधिक असुरक्षित हैं। एक अनुमान के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 40 प्रतिशत, यानी करीब एक अरब एंड्रॉयड डिवाइस अभी भी पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे हैं। इन डिवाइसों के लिए कंपनियों ने सिक्योरिटी पैच और अपडेट जारी करना बंद कर दिया है, जिससे हैकर्स को इनमें सेंध लगाने का खुला मौका मिल जाता है।

अगर मौजूदा स्थिति देखें तो केवल Android 14, 15 और 16 को ही पूरी तरह सुरक्षित माना जा रहा है। इसका मतलब है कि आधे से ज्यादा एंड्रॉयड यूजर्स संभावित खतरे के साये में जी रहे हैं।

क्यों जरूरी है सिक्योरिटी अपडेट और क्या है समाधान?

स्मार्टफोन कंपनियां अपने डिवाइस के लिए एक निश्चित समय तक ही सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट जारी करती हैं। ज्यादातर ब्रांड्स चार से पांच साल का अपडेट सपोर्ट देते हैं। हालांकि, सैमसंग और गूगल जैसी प्रीमियम कंपनियां अब अपने नए फ्लैगशिप फोन पर सात साल तक के अपडेट का वादा कर रही हैं। वहीं, बजट और मिड-रेंज फोन में यह सपोर्ट अक्सर तीन से चार साल तक ही सीमित रहता है।

इस खतरे से बचने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है अपने फोन के सॉफ्टवेयर को तुरंत अपडेट करना। आप इसे फोन की Settings > Software Update में जाकर चेक कर सकते हैं। अगर आपके डिवाइस के लिए कोई अपडेट उपलब्ध नहीं है और आपका फोन काफी पुराना हो चुका है, तो अपनी प्राइवेसी और डेटा की सुरक्षा के लिए एक नया स्मार्टफोन खरीदना ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प है। पुराने फोन को नजरअंदाज करना आपको बहुत भारी पड़ सकता है।