Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: केंद्र की मोदी सरकार ने एक ओर 19 नवंबर को 21वीं किस्त जारी की तो वहीं दूसरी ओर एक और बड़ी सौगात दे दी है। सरकार अब जंगली जानवरों की वजह से हुए फसल नुकसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत कवर करेगी। यह 2026 के खरीफ (ग्रीष्मकालीन) बुवाई सीजन से लागू होगी। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इसकी जानकारी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान फसल योजना के एक्स अकाउंट पर दी है।
बता दें कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने जंगली जानवरों द्वारा फसल हानि एवं धान की फसल पर जल भराव पर आधारित PMFBY की विशेष रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की है। यह रिपोर्ट किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है, जिसके अंतर्गत इन दोनों जोखिमों को स्थानीयकृत आपदा (Localised Calamity) के रूप में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
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रिपोर्ट में इन जोखिमों के आकलन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और कार्यप्रणाली भी सुझाई गई है। यह कदम फसल बीमा प्रणाली को अधिक सशक्त, वैज्ञानिक और किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार है।
इन किसानों को मिलेगी राहत
बता दें कि यह व्यवस्था विशेष रूप से उन किसानों के लिए राहत लेकर आई है, जो हाथी, जंगली सूअर, नीलगाय, हिरण और बंदरों जैसे जंगली जानवरों के हमलों का लंबे समय से सामना कर रहे हैं। वन क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों के नजदीक बसे किसान सबसे अधिक प्रभावित होते रहे हैं। अब तक ऐसे नुकसान फसल बीमा योजना में शामिल न होने से किसानों को भारी आर्थिक हानि झेलनी पड़ती थी।
इसी तरह धान जलभराव को स्थानीयकृत आपदा श्रेणी में फिर से शामिल कर दिया गया है। इससे तटीय और बाढ़ संभावित राज्यों में ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के किसानों को बड़ा लाभ होगा, जहां हर वर्ष जलभराव से धान की फसल को भारी नुकसान होता है।
ये व्यवस्था 2026 से पूरे देश में होगी लागू
इन चुनौतियों के समाधान के लिए मंत्रालय ने विशेषज्ञ समिति गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंजूरी दी। नई प्रक्रियाएं वैज्ञानिक, पारदर्शी और व्यवहारिक रखी गई हैं और खरीफ 2026 से पूरे देश में लागू होंगी। बता दें कि जंगली जानवरों से फसल नुकसान और धान जलभराव का PMFBY में शामिल होना योजना को और अधिक समावेशी, उत्तरदायी और किसान हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है जो देश की फसल बीमा प्रणाली को और मजबूत बनाएगा। इसके साथ ही किसानों को बड़ी राहत भी मिलेगी।