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LPG की बढ़ती कीमतों पर सियासत तेज, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को घेरा, कर दी तीखे सवालों की बौछार

Written by:Shyam Dwivedi
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का सीधा असर भारतीय रसोई पर पड़ा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम फिर ₹29 बढ़ाए गए, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है।

पश्चिम एशिया की रणभूमि से उठती आग की लपटें अब सीधे भारतीय रसोई तक पहुँच गई हैं। ईरान और अमेरिका के बीच गहराते संघर्ष और तनाव ने एक बार फिर देश की आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा दिया है। बीते रविवार, 7 जून, 2026 को भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹29 प्रति सिलेंडर का इजाफा कर दिया, जिससे सीधे तौर पर करोड़ों परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हुआ है और उनकी जेबों पर व्यापक असर पड़ा है।

यह कोई पहली बार नहीं है जब पश्चिम एशिया में सुलगती आग का असर भारतीय रसोई पर पड़ा हो। 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग के बाद से यह दूसरी दफा है जब सरकार ने घरेलू सिलेंडरों के दाम बढ़ाए हैं। इससे पहले, मार्च महीने में भी सरकार ने घरेलू सिलेंडरों की कीमत में ₹60 की भारी बढ़ोत्तरी की थी। इस प्रकार, महज चार महीनों के भीतर, रसोई गैस की कीमतों में कुल ₹89 का उछाल आ चुका है, जिसने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

LPG की कीमतों में बढ़ोतरी पर खरगे ने सरकार को घेरा

इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि को लेकर देश में सियासी पारा भी चढ़ गया है। विपक्ष ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है और इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने पर सरकार पर तीखे सवाल दागे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए अपने गुस्से का इजहार किया। खरगे ने लिखा, “घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दामों में आग की लपटें आम जनता की रसोई को भस्म करने पर तुली हुई हैं!!” उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले चार महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹89 की वृद्धि की है। अपनी पोस्ट के साथ उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की, जिस पर लिखा था, “भाजपा लागू महंगाई की लपटें, एलपीजी की आग से धुआं हुआ घरेलू बजट!”

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से पूछे तीन सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से तीन अहम सवाल पूछे हैं, जो सीधे तौर पर सरकार की नीतियों और दावों पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। उनका पहला सवाल था कि संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया युद्ध के चलते 41 देशों से ईंधन विविधीकरण (फ्यूल डाइवरसिफिकेशन) के लंबे-चौड़े दावे किए थे, उनका क्या हुआ? खरगे ने पूछा कि इन दावों के बावजूद आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की किल्लत क्यों बनी हुई है?

दूसरा सवाल उज्ज्वला योजना से जुड़ा था, जो सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना रही है। खरगे ने बताया कि 2025-26 में उज्ज्वला योजना के तहत 5.56 करोड़ परिवारों ने सिर्फ एक या एक भी सिलेंडर रिफिल नहीं करवाया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इनमें से 3.30 करोड़ परिवारों ने तो एक भी सिलेंडर रिफिल नहीं लिया, और यह स्थिति पश्चिम एशिया संकट शुरू होने से पहले की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह मोदी सरकार की लूट का नतीजा नहीं है?

तीसरा और सबसे तीखा सवाल खरगे ने भाजपा नेताओं की पुरानी कार्यप्रणाली पर उठाया। उन्होंने याद दिलाया कि मोदी और भाजपा के नेता संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान महंगाई का शोर मचाते थे और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते थे। खरगे ने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि मोदी सरकार ने अपने 12 सालों के कार्यकाल में घरेलू एलपीजी के दामों में ₹530 की बढ़ोतरी की है? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अब भाजपा के नेता सड़कों पर सिलेंडर लेकर क्यों नहीं बैठ रहे हैं?

बढ़ती गैस कीमतों ने बढ़ाई आम जनता की चिंता

देशभर में बढ़ती रसोई गैस की कीमतें और विपक्ष के ये तीखे सवाल सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता का खामियाजा अब सीधे तौर पर भारत के आम उपभोक्ता भुगत रहे हैं, जिनकी रसोई का बजट लगातार बिगड़ता जा रहा है। महंगाई की यह मार आने वाले दिनों में और भी गहरा सकती है, जिससे आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ना तय है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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