पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह लोगों के मतदान अधिकारों को किसी भी कीमत पर छीनने नहीं देंगी। कोलकाता में टीएमसी की छात्र शाखा के एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पूरे देश से 500 से अधिक टीमें पश्चिम बंगाल में तैनात की हैं, जो मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाने के लिए सर्वेक्षण कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपनी मतदाता सूची और आधार कार्ड की जांच करने की अपील की।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह राज्य सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग का अधिकार केवल चुनाव के तीन महीनों तक है, न कि पूरे साल।” इसके साथ ही, उन्होंने बीजेपी पर बंगालियों के खिलाफ भाषाई आतंक फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी स्वतंत्रता संग्राम में बंगालियों की भूमिका को भुलाने की कोशिश कर रही है।
भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का आरोप
बंगाल की सीएम ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जबकि बीजेपी भ्रष्टाचार का भंडार चला रही है। ममता ने दावा किया कि उनकी सरकार महिलाओं को सशक्त बना रही है, जबकि केंद्र सरकार विकास के नाम पर देश को लूट रही है।
वाम दलों पर भी बोला हमला
ममता बनर्जी ने सीपीआई(एम)-नियंत्रित वाम दलों पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि वे बीजेपी के साथ मिलकर उनकी सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने केरल की सीपीआई(एम) सरकार पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में गलत बयान देने का आरोप लगाया और इसकी निंदा की।





