कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत सरकार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तुरंत खत्म करना चाहिए और पाकिस्तान के साथ बातचीत की मेज पर वापस लौटना चाहिए। रविवार को सामने आए इस वीडियो के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अय्यर के बयान को हाथों-हाथ लेते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। BJP ने इसे कांग्रेस की पाकिस्तान-परस्त नीति का एक और सबूत बताया है।
BJP ने बताया ‘इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस’
मणिशंकर अय्यर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस को ‘इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार पाकिस्तान को क्लीन चिट देती है और आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त कार्रवाई का समर्थन नहीं करती।
“कांग्रेस की पहचान, PAK मेरा भाईजान, सेना का करो अपमान।” — शहजाद पूनावाला, BJP प्रवक्ता
पूनावाला ने आगे कहा, “राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को ‘खून की दलाली’ कहा था। वे ऑपरेशन सिंदूर को विफल बताते हैं। अब गांधी परिवार के इशारे पर मणिशंकर अय्यर ने फिर से पाकिस्तान के लिए पैरवी की है और ऑपरेशन सिंदूर का मखौल उड़ाया है।”
वहीं, भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, “मणिशंकर अय्यर हमें पाठ पढ़ाने वाले कौन होते हैं? जब 10 साल उनका शासन था, तब कितनी आतंकवादी घटनाएं होती थीं। कांग्रेस के लोग चाहते हैं कि देश में आतंकी गतिविधियां रहें। नरेंद्र मोदी के शासन में पाकिस्तान अगर चू करेगा तो उसका जवाब ठोक कर दिया जाएगा।”
विपक्षी दलों की भी आईं प्रतिक्रियाएं
अय्यर के बयान पर अन्य राजनीतिक दलों ने भी अपनी राय जाहिर की है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि कई देशों ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म करने के लिए बातचीत का समर्थन किया था। उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “एक तरफ कहा जाता है कि खून और पानी साथ नहीं बहेगा, दूसरी ओर भारत-पाक क्रिकेट मैच होता है तो सवाल उठते हैं।”
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इसे सरकार का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय हित में क्या है और दोनों देशों के बीच संबंधों को कैसे संभाला जाना चाहिए, यह तय करना मौजूदा सरकार का काम है। इस पर किसी को विशेष टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।”
सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने अय्यर के बयान को एक तर्कसंगत राय बताया। उन्होंने कहा, “हर किसी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है। यह उनकी राय है, अगर इसमें कोई सार है तो लोग इसे स्वीकार करेंगे; अगर नहीं है तो लोग इसे अस्वीकार कर देंगे।”





