दिल्ली में जलभराव पर सख्त हुए मंत्री प्रवेश वर्मा, देर रात तक संभाली कमान

दिल्ली में जलभराव पर सख्त हुए मंत्री प्रवेश वर्मा, देर रात तक संभाली कमान

दिल्ली में लगातार बारिश के बाद जलभराव की समस्या एक बार फिर सामने आई है। इस बार दिल्ली सरकार में PWD मंत्री प्रवेश वर्मा खुद एक्शन मोड में नजर आए। कनॉट प्लेस (CP) के आउटर सर्कल में बारिश के बाद जब सड़कें पानी में डूब गईं और दुकानों तक पानी पहुंच गया, तो मंत्री देर रात 12 बजे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने बताया कि बारिश के समय मिंटो ब्रिज के बजाय इस बार फोकस “काके दा होटल” के पास के जलभराव क्षेत्र पर रहा। उन्होंने कहा कि 100 मीटर का एक हिस्सा है, जहां पर सबसे ज्यादा पानी जमा हो जाता है। यह क्षेत्र ब्रिटिश काल के बैरल ड्रेन सिस्टम से जुड़ा है जिसे बाद में आस-पास की बिल्डिंगों ने संकरा कर दिया, जिससे पानी का बहाव रुक जाता है।

बैरल ड्रेन सिस्टम बना जलभराव की बड़ी वजह

मंत्री ने बताया कि कनॉट प्लेस में 100 साल पुराना ड्रेनेज सिस्टम अब काम नहीं कर पा रहा है क्योंकि आसपास की नई इमारतों ने इस सिस्टम की संरचना को बदल दिया है। इससे पानी का निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी की ओर से 2 पंप लगाए गए हैं, ताकि इस इलाके का पानी मुख्य ड्रेन तक पहुंचाया जा सके।

प्रवेश वर्मा ने बताया कि वह और उनकी टीम हर पॉइंट की स्टडी कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि कहां-कहां समस्या हो रही है और उसे कैसे स्थायी रूप से ठीक किया जा सकता है।

बाकी क्रिटिकल पॉइंट्स पर नहीं हुआ जलभराव

मंत्री वर्मा ने बताया कि इस साल बारिश के दौरान जिन 34 स्थानों को ‘क्रिटिकल वॉटर लॉगिंग पॉइंट’ के रूप में पहचाना गया था, उनमें से जखीरा, मिंटो ब्रिज, मूलचंद, और ITO जैसे अहम इलाकों में इस बार पानी नहीं भरा।

उन्होंने इसे पीडब्ल्यूडी की सक्रियता और तैयारी का परिणाम बताया। मंत्री ने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिलने पर टीम मौके पर भेजी गई। इंजीनियरों ने मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया और तुरंत समाधान किया।

सात लोगों की मौत पर जताया दुख, स्थायी समाधान का वादा

मंत्री प्रवेश वर्मा ने हाल ही में दिल्ली में हुई बारिश के दौरान 7 लोगों की मौत पर गहरा दुख और संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि एक ढाई साल का बच्चा सीवर में गिरकर जान गंवा बैठा, जो बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।

मंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली को जलभराव से स्थायी रूप से मुक्त करने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम, नई तकनीक, और जमीन से जुड़ी वास्तविक जांच के जरिए इस समस्या का समाधान किया जाएगा।

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