राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली में आयोजित ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ में शामिल होने के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस के विधायक और नेता दिल्ली पहुंचे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के सदस्यों और पार्टी पदाधिकारियों ने बंगाली मार्केट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह मार्च मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है।
कांग्रेस और विपक्षी दलों की प्रमुख मांगों में कथित वोट चोरी पर रोक, एसआईआर की प्रक्रिया पर रोक और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल हैं। इन मुद्दों पर विपक्ष चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
मार्च से पहले राहुल गांधी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
मार्च से पहले कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और कथित चुनावी अनियमितताओं के मामले में गवाही देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के पीछे बड़ी ताकतें हैं और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लेते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार के करीब 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उसे जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए की गई बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं और अन्य लोगों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की यह लड़ाई लंबी चल सकती है, लेकिन विपक्ष पीछे नहीं हटेगा।
उमंग सिंघार बोले “लोकतंत्र की लड़ाई लड़ने पूरा मध्यप्रदेश कांग्रेस दिल्ली आया
मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी के साथ लोकतंत्र की लड़ाई लड़ने के लिए पूरा मध्यप्रदेश कांग्रेस दिल्ली आया है। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए जेल भी जाना पड़ा तो वे जाएंगे। उमंग सिंघार ने कहा कि आजादी की लड़ाई में कई महापुरुष जेल गए थे और कांग्रेस ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेगी।
इस दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस की सह-प्रभारी उषा नायडू, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और विधायक आरिफ मसूद व तरुण भनोट सहित कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






