मोदी सरकार ने कल 22 सितम्बर शारदीय नवरात्रि के पहले दिन जीएसटी की नई दरें (New Gen GST reforms) लागू कर दी, सरकार ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी दुकानदार उपभोक्ता को नई घटी हुई कीमतों पर ही सामान बेच सकेगा लेकिन संभव है कि देश और प्रदेश में कुछ दुकानदार अभी भी पुरानी कीमत पर ही सामान बेच रहे हों इसलिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने दो नंबर जारी नंबर जारी किये हैं जहाँ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले दिनों जीएसटी काउन्सिल में एक बड़ा फैसला लेते हुए जीएसटी के प्रचलित चार स्लैब को कम करते हुए दो करने का फैसला किया था, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद दी जानकारी में बताया कि अब केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत ही रहेंगे जबकि 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत को सरकार ने ख़त्म कर दिया है।

सबसे अधिक फायदा मिडिल क्लास को 

जीएसटी दरों में इन सुधारों के आधार पर माना जा रहा है कि इसका सबसे अधिक फायदा मिडिल क्लास को होगा, इस स्लैब में रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं शामिल की गई है, इस स्लैब में घी, मक्खन और डिब्बे वाला दूध रखा है वहीं सरकार ने दूध और पनीर पर जीएसटी को जीरो कर दिया है इसी तरह 12 प्रतिशत में कई वस्तुओं को शामिल किया गया है।

मंत्रालय ने जारी किये हेल्पलाइन नंबर  

केंद्र सरकार के निर्देश हैं कि जीएसटी की नई दरें 22 सितम्बर से लागू हो गई है और यदि कोई भी दुकानदार पुरानी एमआरपी पर ही सामान दे तो उसकी शिकायत की जा सकती है, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1800114000 या 1915 पर कॉल कर शिकायत करें। मोबाइल नंबर 8800001915 पर एसएमएस या व्हाट्सएप पर मैसेज करके भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। सरकार ने कहा है कि उपभोक्ता   NACH एप पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, वहीं  उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की साइट consumerhelpline.gov.in पर रजिस्टर्ड कराकर शिकायत की जा सकती है।