राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक बार फिर खुलेआम सूखे नशे और अवैध शराब की बिक्री का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस बार यह अवैध कारोबार कैमरे में कैद हुआ है, जिसका एक कथित वायरल वीडियो आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किया है। वीडियो के सार्वजनिक होते ही सौरभ भारद्वाज ने भाजपा शासित दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार और दिल्ली पुलिस पर सीधा निशाना साधा है, आरोप लगाया है कि इस गैरकानूनी धंधे को सरकारी संरक्षण मिल रहा है।

सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि दिल्ली के उत्तम नगर में खुलेआम नशा बिक रहा है और यह सब कैमरे में कैद हो चुका है, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से मौन है। उन्होंने कहा कि जिस बेखौफ अंदाज में तस्कर यह धंधा चला रहे हैं, उससे स्पष्ट होता है कि उन्हें सत्ता का सीधा संरक्षण प्राप्त है। भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस की उस बात का जिक्र किया, जो अक्सर कही जाती है कि नशा तस्करों को सरकार में बैठे लोग ही छुड़वा देते हैं। उन्होंने कहा कि यह आरोप अब सही साबित हो रहा है, क्योंकि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।

आप नेता ने भाजपा पर कसा तंज

आम आदमी पार्टी के नेता ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, दिल्ली नगर निगम (MCD) में भी भाजपा का राज है और उपराज्यपाल भी भाजपा के ही समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने इसे “चार इंजन की भाजपा सरकार” बताते हुए सवाल उठाया कि इतनी मजबूत और एकजुट सरकार होने के बावजूद राजधानी दिल्ली में नशे का कारोबार खुल्लम-खुल्ला कैसे चल रहा है। भारद्वाज ने कानून-व्यवस्था की इस लचर स्थिति के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

रविवार को सौरभ भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो क्लिप साझा किया, जिसमें साफ दिख रहा है कि उत्तम नगर में एक महिला खुलेआम गांजा, ड्रग्स और अवैध शराब बेच रही है। भारद्वाज ने इस वीडियो को एक बड़ा खुलासा करार देते हुए कहा कि दिल्ली की सड़कों पर यह सब बेरोकटोक चल रहा है। उन्होंने इस वीडियो के साथ उपराज्यपाल कार्यालय को भी टैग किया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब न मिलने का दावा किया। भारद्वाज ने अपनी जान जोखिम में डालकर यह रिपोर्टिंग करने वाली मीडिया चैनल की महिला रिपोर्टर की हिम्मत की दाद दी और कहा कि यह गंभीर काम, जो एक मीडियाकर्मी कर रहा है, असल में दिल्ली पुलिस कमिश्नर को करना चाहिए था।

आप नेता ने भाजपा सरकार और उपराज्यपाल की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल

आप नेता ने भाजपा सरकार और दिल्ली के नए उपराज्यपाल की प्राथमिकताओं पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जमीन पर लोगों के लिए कोई काम करने की बजाय इंस्टाग्राम रील्स बनाने और अपनी ब्रांडिंग में व्यस्त है। इसी तरह, दिल्ली के नए उपराज्यपाल भी अपना प्रचार करने में जुटे हुए हैं। भारद्वाज ने उपराज्यपाल द्वारा अपनी वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करने पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जैसे कि कनॉट प्लेस में लोग उनका अभिवादन कर रहे हों। आम लोग अचानक से यह कैसे पहचान लेते हैं कि वे ही नवनियुक्त उपराज्यपाल हैं?” उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या एक उपराज्यपाल का मुख्य काम केवल प्रचार करना और तस्वीरें खिंचवाना होता है।

आम आदमी पार्टी लंबे समय से दिल्ली में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही है। पार्टी का कहना है कि वे इस गंभीर सामाजिक समस्या को लेकर बार-बार सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। आप नेताओं ने पहले भी कई मंचों पर यह दावा किया है कि दिल्ली में नशे का जाल तेजी से फैल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है और अपराध भी बढ़ रहे हैं।

नशे के कारोबार के गंभीर परिणामों का जिक्र करते हुए आप ने वजीरपुर में हुई एक भयावह घटना का भी हवाला दिया। पिछले दिनों कुछ नशेड़ियों ने एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भारत नगर थाने का घेराव किया और न्याय की मांग की। उस समय, तत्कालीन एसएचओ ने एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया था। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि पुलिस के हाथ बंधे हुए हैं और वे नशा कारोबारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। एसएचओ ने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस जब भी किसी नशा कारोबारी को पकड़ती है, तो “सीएम कार्यालय से आदेश आ जाता है और उन्हें छोड़ना पड़ता है।” इस बयान के वायरल होने पर आम आदमी पार्टी ने सीएम रेखा गुप्ता पर जमकर हमला बोला था, जो दिल्ली में भाजपा की एक प्रमुख नेता हैं। AAP ने आरोप लगाया था कि सत्ता के गलियारों से नशे के कारोबारियों को संरक्षण मिल रहा है।

AAP ने तत्काल और ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई

यह अकेले आम आदमी पार्टी ही नहीं है, जिसने दिल्ली में नशे के कारोबार पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के अपने नेताओं ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। पिछले दिनों भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन सत्या शर्मा ने खुद चांदनी चौक इलाके में अवैध शराब की बिक्री का भंडाफोड़ किया था। सत्या शर्मा ने इस अवैध कारोबार में अपनी ही पार्टी द्वारा नियंत्रित दिल्ली पुलिस की मिलीभगत का सीधा आरोप लगाया था। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि नशे और अवैध शराब का यह मुद्दा कितना गहरा है और इसका नेटवर्क कितना व्यापक है, जो राजनीतिक सीमाओं को भी पार कर रहा है।

दिल्ली में लगातार सामने आ रही नशे और अवैध शराब की बिक्री की ये घटनाएं और उन पर लग रहे गंभीर आरोप राजधानी में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार और पुलिस प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल और ठोस कार्रवाई करने की मांग दोहराई है, ताकि दिल्ली को नशे के इस मकड़जाल से मुक्त किया जा सके और युवाओं को बचाया जा सके।