लोकसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों के हंगामे के कारण कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित कई मुद्दों पर नारेबाजी और प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करने के बाद अंततः बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि वे दोहरे मापदंड अपना रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का समय तय किया गया था, लेकिन विपक्ष एक साथ कई मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, जो संभव नहीं है। रिजिजू ने कहा, “विपक्षी नेताओं ने बीएसी में तख्तियां न लाने की सहमति दी थी, लेकिन फिर भी वे पोस्टर-बैनर के साथ कार्यवाही में व्यवधान डाल रहे हैं। यह निंदनीय है।”
‘विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहा’
रिजिजू ने विपक्ष पर सदन का समय और करदाताओं का पैसा बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष हंगामे के जरिए सदन को चलने नहीं दे रहा।” उन्होंने कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों के व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि यह सदन की गरिमा के खिलाफ है।
कार्यवाही में सहयोग करने की अपील
पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष से कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की, लेकिन हंगामा न रुकने पर सदन को स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सदस्यों ने तख्तियां लहराकर और आसन के समीप नारेबाजी कर एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। इसे लेकर विपक्षी दल लगातार हंगामा खड़ा करते रहे। ऐसे में सदन की कार्यवाही को चलाने में बाधा आती रही।






