Thu, Jan 8, 2026

तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति, बीजेपी ने तमिलनाडु सरकार पर बोला हमला, कहा- ‘DMK हिंदुओं के खिलाफ’

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 06 जनवरी 2026 (मंगलवार) को दिल्ली भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के उस आदेश का स्वागत किया, जिसमें तिरुप्परनकुंद्रम में सदियों पुरानी दीपम परंपरा को जारी रखने की अनुमति दी गई है।
तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति, बीजेपी ने तमिलनाडु सरकार पर बोला हमला, कहा- ‘DMK हिंदुओं के खिलाफ’

तमिलनाडु में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है जिसको लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। तो वहीं भारतीय जनता पार्टी भी चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंकती नजर आ रही है। चुनाव के पहले तमिलनाडु में तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीपम जलाने का मामला गरमाया हुआ है। जिसको लेकर अब बड़ा अपडेट सामने आया है।

बता दें कि तमिलनाडु के मदुरै स्थित तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीपम जलाने की परंपरा को लेकर चल रहा विवाद अब सियासी रूप ले चुका है। मद्रास हाईकोर्ट द्वारा दीप थून (पत्थर का दीप स्तंभ) में दीप जलाने की अनुमति को बरकरार रखने के फैसले पर भाजपा ने इसे श्रद्धालुओं की जीत बताया है।

तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति पर भाजपा का स्वागत

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 06 जनवरी 2026 (मंगलवार) को दिल्ली भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के उस आदेश का स्वागत किया, जिसमें तिरुप्परनकुंद्रम में सदियों पुरानी दीपम परंपरा को जारी रखने की अनुमति दी गई है। उन्होंने इसे श्रद्धालुओं को मिला न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता की पुष्टि बताया। उन्होंने कहा कि यह सच में बहुत खुशी की बात है कि तमिलनाडु हाई कोर्ट ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर बने पुराने मंदिर के भक्तों को न्याय दिया है, जहां भगवान मुरुगन रहते हैं और जहां सदियों से दीये जलाए जाते रहे हैं। इसके साथ ही इस फैसले के बाद भाजपा ने तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सरकार पर सनातन धर्म के खिलाफ होने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।

पीयूष गोयल ने DMK पर बोला हमला

पीयूष गोयल ने कहा, यह बहुत ही सुखद बात है कि तमिलनाडु हाई कोर्ट ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति दी है। यह केवल संयोग नहीं है कि तमिलनाडु के सीएम स्टालिन और उनके पुत्र उदययनिधि लगातार सनातन धर्म के खिलाफ अपमानित टिप्पणी कर रहे हैं। खुद उदययनिधि हिंदुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि माननीय न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन के खिलाफ लाया गया महाभियोग प्रस्ताव झूठे और निराधार आरोपों पर आधारित है। उनके अनुसार, एक न्यायिक फैसले के कारण न्यायाधीश को “एंटी सेक्युलर” बताना और किसी खास व्यक्ति, समुदाय या विचारधारा के पक्ष में झुकाव का आरोप लगाना पूरी तरह असत्य है।

केंद्रीय मंत्री ने DMK पर लगाया हिंदू विरोधी सोच रखने का आरोप

केंद्रीय मंत्री ने DMK और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और हिंदू विरोधी सोच रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल एक विशेष वोट बैंक को खुश करने के लिए सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं का विरोध कर रहे हैं। गोयल ने जनता से अपील की कि वे संवैधानिक संस्थाओं, धार्मिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने वालों के साथ खड़े रहें।

DMK ने की थी जी. आर. स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही की मांग

मदुरै की तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर भगवान मुरुगन से जुड़ी सदियों पुरानी परंपरा के तहत दीप जलाया जाता रहा है। इस वर्ष दीप जलाने पर रोक लगाए जाने के बाद श्रद्धालु अदालत पहुंचे थे। मद्रास हाईकोर्ट के एकल न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन ने 1 दिसंबर 2025 को अपने आदेश में दीप जलाने की अनुमति दी थी। बाद में राज्य सरकार इस आदेश के खिलाफ अपील में गई, लेकिन मदुरै पीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले को बरकरार रखा।

बता दें कि इस आदेश का विरोध करते हुए DMK ने न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही की मांग करते हुए 120 हस्ताक्षरों के साथ एक नोटिस लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा था। इतना ही नहीं DMK के साथ इंडिया गठबंधन के नेता डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोझी, पार्टी के लोकसभा नेता टीआर बालू, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थे। 9 दिसंबर, 2025 के महाभियोग नोटिस के अनुसार मद्रास हाई कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 के साथ 124 के तहत प्रस्ताव पेश किया गया था।

तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी DMK सरकार पर हमला बोला है।

तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीया जलाने की अनुमति मिलने पर तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई का बयान सामने आया है। अन्नामलाई ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के माननीय जजों ने DMK सरकार की अपील पिटीशन और न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

अपने ऑर्डर में जजों ने कहा कि यह समझना मुश्किल है कि एक ताकतवर सरकार को यह डर कैसे हो सकता है कि मंदिर के नुमाइंदों और भक्तों को साल में एक दिन पत्थर के खंभे पर दीया जलाने की इजाज़त देने से पब्लिक शांति भंग होगी। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि ऐसी गड़बड़ी तभी हो सकती है जब सरकार खुद इसे स्पॉन्सर करे। बेंच ने आगे साफ किया कि थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी के ऊपर मौजूद दीप थून मंदिर का है।

DMK सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए, माननीय जजों ने कहा कि सरकार को पॉलिटिकल एजेंडा के लिए इस हद तक नहीं गिरना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था प्रॉब्लम की जो आशंका जताई जा रही है, वह एक मनगढ़ंत कहानी है, जिसे अधिकारियों ने अपनी सुविधा के लिए बनाया है, और इसमें एक कम्युनिटी को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की ताकत है। हमें उम्मीद है कि DMK सरकार अपनी पावर का गलत इस्तेमाल बंद करेगी और भगवान मुरुगन के भक्तों को दीपा थून में दीपम जलाने की इजाजत देकर कानून का सम्मान करेगी, जैसा कि कोर्ट ने सही कहा है।