नागपुर महानगरपालिका महाराष्ट्र की पहली ऐसी नगरीय निकाय बन गई है जहां प्रधानमंत्री ईबस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हुआ। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी से वर्चुअल माध्यम से देशभर में 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें नागपुर के हिस्से 5 बसें आईं।
इस मौके पर महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं नागपुर के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले नागपुर में उपस्थित रहे। उन्होंने नागपुर शहर को यह आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
11 प्रमुख मार्गों पर दौड़ेंगी ई-बसें
लोकार्पण के बाद ये बसें कोराडी और खपरी डिपो से शहर के 11 महत्वपूर्ण मार्गों पर संचालित होंगी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि यह पहली खेप है और आगामी समय में नागपुर महानगरपालिका को इस योजना के अंतर्गत कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। इसी तर्ज पर पूरे महाराष्ट्र में PM-ईबस सेवा का विस्तार किया जाएगा।
समारोह के दौरान नागपुर की मेयर, डिप्टी मेयर और शहर के सभी विधायकों ने भी इन नई बसों में बैठकर सवारी का अनुभव लिया। यह पहल सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मात्र 30 मिनट में फुल चार्ज, 225 किमी की रेंज
इन इलेक्ट्रिक बसों की तकनीकी विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने बताया कि ये बसें केवल 30 मिनट की चार्जिंग में 225 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम हैं। इससे बसों का संचालन समय अधिकतम बना रहेगा और यात्रियों को निर्बाध सेवा मिल सकेगी।
टिकट की दरें भी परंपरागत बसों की तुलना में काफी कम रखी गई हैं, जिससे आम नागरिकों को किफायती और आरामदायक यात्रा का अवसर मिलेगा।
दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था और सुरक्षा
इन बसों में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए रैम्प की व्यवस्था की गई है। व्हीलचेयर उपयोगकर्ता बिना किसी सहायता के सीधे बस में प्रवेश कर सकते हैं। प्रत्येक बस में पांच CCTV कैमरे लगाए गए हैं जो आने-जाने वाले सभी यात्रियों पर निगरानी रखेंगे।
सुरक्षा के साथ-साथ पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यात्री गणना मशीन भी स्थापित की गई है। इस तकनीक से टिकट संग्रहण में होने वाली किसी भी प्रकार की धांधलीबाजी पर रोक लगेगी और राजस्व प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी होगी।
नागपुर के निवासियों ने इस नई सेवा का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि शीघ्र ही बाकी 145 बसें भी शहर में संचालित होंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।





