प्रधानमंत्री मोदी ने नए सेवा तीर्थ कार्यालय से शुरू किया कामकाज, पहले ही दिन चार बड़ी योजनाओं को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने नए कार्यालय 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन कर पदभार संभाला। पहले ही दिन उन्होंने किसानों, महिलाओं और स्टार्टअप्स को लेकर चार महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कृषि इंफ्रा फंड को दोगुना करना और 6 करोड़ लखपति दीदी का नया लक्ष्य निर्धारित करना शामिल है। यह बदलाव दिल्ली के उद्घाटन की 95वीं वर्षगांठ पर हुआ है।
PM Modi

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में पदभार संभालते ही एक्शन मोड में काम शुरू कर दिया। रायसीना हिल्स स्थित साउथ ब्लॉक से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब इस नए परिसर में स्थानांतरित हो गया है। अपने कार्यकाल के पहले दिन प्रधानमंत्री ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और दुर्घटना पीड़ितों के हित में चार बड़े नीतिगत निर्णयों को मंजूरी दी।

इन फैसलों में कृषि अवसंरचना निधि को दोगुना करना, 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य तय करना, स्टार्टअप्स के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड और दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना शामिल है। इन फैसलों से सरकार की प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत मिलता है।

पहले दिन लिए गए 4 अहम फैसले

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नए कार्यालय में जिन महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए, वे इस प्रकार हैं:

1. किसानों के लिए बड़ी राहत: सरकार ने कृषि अवसंरचना निधि को दोगुना कर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इस बड़े कदम का लक्ष्य भारत की संपूर्ण कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना और किसानों के लिए बेहतर भंडारण व प्रसंस्करण सुविधाएं सुनिश्चित करना है।

2. लखपति दीदी का लक्ष्य बढ़ा: मार्च 2027 की समय सीमा से पहले ही 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य हासिल करने के बाद, प्रधानमंत्री ने अब एक और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का लक्ष्य अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाना है।

3. स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा: भारत के इनोवेशन और स्टार्टअप कल्चर को सशक्त बनाने के लिए, पीएम मोदी ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ ‘स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0’ को मंजूरी दी है। यह फंड विशेष रूप से डीप टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और अन्य अग्रणी टेक्नोलॉजी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

4. PM राहत योजना: इस योजना के तहत, दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तत्काल चिकित्सा सहायता की कमी के कारण किसी की भी जान न जाए।

‘सेवा तीर्थ’ में गणेश पूजन और नए अध्याय की शुरुआत

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और जितेंद्र सिंह के साथ शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में नए परिसर का उद्घाटन किया। नए कार्यालय में प्रवेश के बाद प्रधानमंत्री ने सबसे पहले भगवान गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवल, पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

दिलचस्प बात यह है कि PMO का यह स्थानांतरण ठीक उसी दिन हुआ है, जब 1931 में नई दिल्ली के भारत की आधुनिक राजधानी के रूप में औपचारिक उद्घाटन के 95 साल पूरे हुए।

औपनिवेशिक प्रतीकों से दूरी का संदेश

उद्घाटन से पहले पीएम मोदी ने परिसर में ‘सेवा तीर्थ’ की पट्टिका का अनावरण किया, जिसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य लिखा है। अधिकारियों के अनुसार, यह नामकरण 2014 से चली आ रही मोदी सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत औपनिवेशिक अतीत से जुड़े प्रतीकों को बदलकर भारतीय मूल्यों पर आधारित नाम दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राजपथ को ‘कर्तव्य पथ’, रेस कोर्स रोड को ‘लोक कल्याण मार्ग’ और केंद्रीय सचिवालय भवनों को ‘कर्तव्य भवन’ नाम दिया जा चुका है। ‘सेवा तीर्थ’ नाम इसी सोच को आगे बढ़ाता है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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