दांडी मार्च दिवस के मौके पर स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक यादें एक बार फिर ताजा हो गईं। इसी अवसर पर मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की पदयात्राओं पर आधारित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में आयोजित कार्यक्रम में इस पुस्तक को लॉन्च किया गया, जिसमें उनकी विभिन्न पदयात्राओं के प्रेरक क्षणों और तस्वीरों को संकलित किया गया है।
इस पुस्तक के जरिए न केवल ऐतिहासिक दांडी मार्च की स्मृतियों को जीवंत किया गया है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी उजागर किया गया है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश शुक्ला द्वारा लिखी गई इस कॉफी टेबल बुक में प्रहलाद सिंह पटेल की कई महत्वपूर्ण यात्राओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।
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दांडी मार्च की स्मृतियों को समर्पित पुस्तक
दांडी मार्च भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। महात्मा गांधी द्वारा 1930 में शुरू की गई इस ऐतिहासिक यात्रा ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक बड़े जनआंदोलन को जन्म दिया था।
दांडी मार्च दिवस के अवसर पर प्रहलाद सिंह पटेल की पदयात्राओं पर आधारित इस कॉफी टेबल बुक का विमोचन उसी ऐतिहासिक भावना को याद करने का प्रयास है। पुस्तक में उन यात्राओं के अनुभव, तस्वीरें और सामाजिक संदेशों को शामिल किया गया है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देते हैं।
इस पुस्तक में वर्ष 2021 में प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा अपने सहयोगियों के साथ दांडी मार्च मार्ग पर की गई पांच दिवसीय पदयात्रा का भी विशेष उल्लेख किया गया है। यह यात्रा ऐतिहासिक मार्ग पर की गई थी और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी।
दिल्ली में हुआ भव्य विमोचन
नई दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस कॉफी टेबल बुक का औपचारिक विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रहलाद सिंह पटेल के साथ मीडिया सलाहकार नितिन त्रिपाठी, आलोक मोहन नायक और कई अन्य लोग भी शामिल हुए। पुस्तक के विमोचन के दौरान उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस अवसर पर प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि उनके सहयोगियों के साथ की गई पांच दिवसीय पदयात्रा के दौरान लिए गए कई महत्वपूर्ण चित्रों और अनुभवों को इस पुस्तक में व्यवस्थित रूप से संकलित किया गया है। उनका कहना था कि यह पुस्तक केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि एक प्रेरणा है।
पदयात्रा का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व
पुस्तक में प्रहलाद सिंह पटेल ने ‘हर पग देता अनुभूति’ नाम से एक विशेष खंड लिखा है। इसमें उन्होंने पदयात्रा के सामाजिक, राष्ट्रीय और आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से बताया है।
उन्होंने कहा कि पदयात्रा केवल पैदल चलने का साधन नहीं है, बल्कि यह आत्मनिरीक्षण का एक माध्यम भी है। इसके जरिए व्यक्ति समाज से सीधे जुड़ता है और लोगों की समस्याओं को करीब से समझ पाता है। पदयात्रा मन, शरीर और विचारों को संतुलित करने का अवसर भी देती है। यह व्यक्ति को प्रकृति और समाज दोनों से जोड़ती है और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है।
ग्राम स्वराज और नशामुक्ति का संदेश
प्रहलाद सिंह पटेल ने इस अवसर पर अपने पिछले सामाजिक अभियानों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने 16 अगस्त से 19 अगस्त 2019 तक ग्राम स्वराज पदयात्रा की थी।
इस पदयात्रा का उद्देश्य गांवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और नशामुक्त समाज का संदेश देना था। इस यात्रा के जरिए लोगों को गांधी जी के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राएं समाज में जागरूकता लाने और सकारात्मक बदलाव के लिए बेहद जरूरी हैं।
समाज को सकारात्मक दिशा देने की पहल
प्रहलाद सिंह पटेल ने इस पुस्तक के निर्माण में सहयोग देने वाली दर्शनम संस्था के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करती है। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास और प्रेरक घटनाओं को संकलित करना बेहद जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे सीख सकें। इस कॉफी टेबल बुक के माध्यम से दांडी मार्च की प्रेरणा और समाज से जुड़ने की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।