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पश्चिम बंगाल में गरजे प्रधानमंत्री मोदी, TMC पर लगाए कई गंभीर आरोप, सिलीगुड़ी कॉरिडोर को बताया मां भारती की ‘भुजा’

Written by:Ankita Chourdia
Published:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलीगुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चेतावनी दी कि 4 मई के बाद बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और टीएमसी को पिछले 15 वर्षों के हर पल और पाई-पाई का हिसाब देना होगा। पीएम ने टीएमसी पर बंगाल को बर्बाद करने और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल में गरजे प्रधानमंत्री मोदी, TMC पर लगाए कई गंभीर आरोप, सिलीगुड़ी कॉरिडोर को बताया मां भारती की ‘भुजा’

सिलीगुड़ी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर सीधा हमला करते हुए चेतावनी दी कि 4 मई के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि तब टीएमसी को पिछले 15 वर्षों के पल-पल और पाई-पाई का हिसाब देना होगा। पीएम मोदी ने यह बात सिलीगुड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कही, जहां कल के रोड शो की तरह ही भारी जनसैलाब उमड़ा था। इस जनसमर्थन को देखते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बंगाल अब परिवर्तन का मन बना चुका है और इस बार टीएमसी का जाना तय है।

प्रधानमंत्री ने टीएमसी के 15 साल के शासन को पश्चिम बंगाल की बर्बादी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि इस लंबी अवधि में राज्य ने विकास की बजाय सिर्फ बर्बादी देखी है। पीएम ने विशेष तौर पर उन युवाओं से अपील की जो इस बार पहली बार अपना वोट डालने जा रहे हैं, कि वे बंगाल के भविष्य का फैसला करें। उन्होंने इसे किसी भी सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करने का सबसे महत्वपूर्ण समय बताया। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने डेढ़ दशक में जनता के लिए कोई ठोस काम नहीं किया, बल्कि सिर्फ ‘काले कारनामे’ किए हैं, जिससे राज्य की छवि खराब हुई है। सिलीगुड़ी को नॉर्थ बंगाल का प्रवेश द्वार बताते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी ने जान-बूझकर यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री और टूरिज्म को पीछे रखा है, जबकि यह क्षेत्र विकास की अपार संभावनाओं से भरा है। केंद्र सरकार द्वारा बंगाल के विकास के लिए भेजे गए करोड़ों रुपये को भी टीएमसी के ‘सिंडिकेट’ और ‘कटमनी’ वाले लोग हजम कर गए, जिससे जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ।

पीएम मोदी ने TMC पर लगाया तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप

पीएम मोदी ने टीएमसी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह ‘निर्मम सरकार’ मदरसों के लिए तो 6,000 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित करती है, लेकिन नॉर्थ बंगाल के समग्र विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता नहीं देती। प्रधानमंत्री ने टीएमसी की प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नॉर्थ बंगाल भीषण बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा था, तब राज्य सरकार कोलकाता में जश्न मना रही थी, जिससे क्षेत्र के लोगों को अकेला छोड़ दिया गया। उन्होंने टीएमसी को ‘नॉर्थ बंगाल विरोधी’, ‘आदिवासी विरोधी’, ‘चाय-बागान विरोधी’, ‘महिला विरोधी’ और ‘युवा विरोधी’ पार्टी करार दिया। पीएम ने कहा कि टीएमसी ने इन सभी वर्गों के हितों की अनदेखी की है और उन्हें सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखा है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री का रुख बेहद कड़ा और स्पष्ट था। उन्होंने टीएमसी नेताओं को सीधे संबोधित करते हुए चेतावनी दी, “टीएमसी वाले कान खोलकर सुन लें, चार मई के बाद बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और उन्हें पिछले 15 वर्षों के पल-पल और पाई-पाई का हिसाब देना होगा।” यह बयान टीएमसी के शासनकाल में हुए कथित घोटालों, जैसे शिक्षक भर्ती घोटाला, राशन वितरण घोटाला और पशु तस्करी जैसे मामलों पर भाजपा के आक्रामक रुख को दर्शाता है। पीएम ने स्पष्ट कर दिया कि सत्ता में आने के बाद भाजपा भ्रष्टाचार पर कोई ढिलाई नहीं बरतेगी और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा, ताकि जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वालों को सबक सिखाया जा सके।

पीएम मोदी ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को बताया मां भारती की ‘भुजा’ 

सुरक्षा के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने टीएमसी को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ के नाम से भी जाना जाता है, मां भारती की एक महत्वपूर्ण भुजा है, जो देश को नॉर्थ-ईस्ट से जोड़ती है। इसके बावजूद, टीएमसी ने तुष्टिकरण की अपनी राजनीति के चलते उन ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का समर्थन किया, जो नॉर्थ-ईस्ट को देश से अलग करने की धमकी देते हैं और देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। चाय बागानों के श्रमिकों की बदहाली पर बात करते हुए पीएम ने असम की भाजपा सरकार का उदाहरण दिया, जहां श्रमिकों को जमीन के पट्टे और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार बंगाल के ऐतिहासिक चाय बागानों और उनसे जुड़े लाखों श्रमिकों के जीवन को बर्बाद कर रही है। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के चाय श्रमिकों से वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर उन्हें पक्के घर, बिजली, पानी और जमीन के पट्टे जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे उनके जीवनस्तर में व्यापक सुधार होगा और वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।

प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं

खेल और युवा विकास के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने क्रिकेटर रिचा घोष और मंटू घोष जैसी स्थानीय खेल प्रतिभाओं की तारीफ की और कहा कि बंगाल प्रतिभाओं की धरती है। पीएम ने घोषणा की कि भाजपा सरकार नॉर्थ बंगाल में एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाएगी, जिससे क्षेत्र की युवा खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और मंच मिलेगा। यह विश्वविद्यालय स्थानीय खेलों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने में मदद करेगा। अंत में, पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी ने बंगाल में ‘भय का साम्राज्य’ स्थापित किया है, जहां लोग खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा इस भय के माहौल को खत्म कर राज्य में ‘भरोसा’ वापस लाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विकास, सुरक्षा और न्याय के ऐसे भविष्य के लिए वोट दें जहां हर नागरिक सम्मान और गरिमा के साथ जी सके।

Ankita Chourdia
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