लद्दाख के निवासियों को अब आधार कार्ड में अपनी सही पहचान मिलने लगी है। दरअसल लगभग सात साल के इंतजार के बाद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार रिकॉर्ड में लद्दाख को जम्मू और कश्मीर से अलग एक इकाई के रूप में दर्ज करना शुरू कर दिया है। अब आधार कार्ड के राज्य वाले कॉलम में जम्मू-कश्मीर की जगह सीधे ‘लद्दाख’ लिखा दिखाई देगा।
दरअसल साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला था। इसके बावजूद कई वर्षों तक आधार रिकॉर्ड में राज्य के रूप में जम्मू-कश्मीर ही दर्ज रहता था। इस कारण लद्दाख के लोगों को कई सरकारी और निजी सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता था, क्योंकि दस्तावेजों में दर्ज जानकारी नई प्रशासनिक व्यवस्था से मेल नहीं खाती थी।
लंबे समय से मांग उठ रही थी
इस समस्या को लेकर लंबे समय से मांग उठ रही थी। बाद में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने हस्तक्षेप किया। उनके निर्देश पर प्रशासन ने UIDAI के साथ इस मुद्दे को उठाया और आधार रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अब UIDAI ने रिकॉर्ड में बदलाव करते हुए लद्दाख को अलग क्षेत्रीय पहचान के साथ दर्ज करना शुरू कर दिया है। इससे यहां के निवासियों को बैंक खाते खोलने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य पहचान आधारित सेवाओं का उपयोग करने में आसानी होगी।
प्रशासन ने इस बदलाव को लागू करने के लिए एक नई व्यवस्था भी तैयार की है। लद्दाख के विशेष पिन कोड के आधार पर आधार रिकॉर्ड को अपडेट किया गया है, जिन्हें डाक विभाग के साथ सत्यापित किया गया। इसके बाद यह जानकारी UIDAI को भेजी गई, जिससे बड़ी संख्या में रिकॉर्ड एक साथ अपडेट किए जा सके।
अपडेटेड ई-आधार डाउनलोड कर सकते हैं अब
इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि लोगों को अपने आधार में राज्य का नाम बदलवाने के लिए अलग-अलग आधार केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ी। अब निवासी UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट से अपना अपडेटेड ई-आधार डाउनलोड कर सकते हैं और चाहें तो ऑनलाइन पीवीसी आधार कार्ड भी मंगवा सकते हैं।
प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल एक तकनीकी सुधार है, बल्कि लद्दाख के लोगों की पहचान को आधिकारिक रूप से मान्यता देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे सरकारी रिकॉर्ड में लद्दाख की अलग पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देगी और नागरिकों को सेवाओं तक पहुंचने में आने वाली कई बाधाएं दूर होंगी।






