Hindi News

भाजपा सरकार बनते ही देशभर में जाएगा बंगाल का आलू, धर्मेंद्र प्रधान ने की घोषणा, राज्य में किसानों की स्थिति पर TMC सरकार को घेरा

Written by:Gaurav Sharma
Published:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर राज्य के किसानों की दयनीय स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार आते ही बंगाल के किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य मिलेगा और उनके आलू को ओडिशा, झारखंड समेत पूरे देश के बाजारों तक पहुंचाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वादे को दोहराते हुए प्रधान ने कहा कि यह सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि किसानों का सम्मान वापस लाने का संकल्प है।
भाजपा सरकार बनते ही देशभर में जाएगा बंगाल का आलू, धर्मेंद्र प्रधान ने की घोषणा, राज्य में किसानों की स्थिति पर TMC सरकार को घेरा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में किसानों की बदहाली के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही बंगाल का आलू ओडिशा, झारखंड और देश के बाकी हिस्सों में जा सकेगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिल पाएगा। प्रधान ने जोर देकर कहा कि भाजपा की सरकार आने पर राज्य के किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य मिलेगा और उनकी मेहनत का उचित सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रधान ने यह बात केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओंडा की जनसभा में दिए गए वक्तव्य का हवाला देते हुए कही। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने जो सच्चाई सामने रखी है, वह दरअसल पूरे बंगाल के किसानों के दर्द की असली तस्वीर है। प्रधान के मुताबिक, फिलहाल बंगाल के आलू किसान अपनी ही मेहनत का वाजिब दाम पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह ममता बनर्जी सरकार का अहंकार है, जिसने पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड के साथ-साथ देश के अन्य बाजारों के दरवाजे बंगाल के किसानों के लिए बंद कर दिए हैं। उन्होंने इसे किसानों की आजीविका पर टीएमसी सरकार का ‘निर्मम हमला’ करार दिया।

केंद्रीय मंत्री ने टीएमसी पर लगाया गंभीर आरोप

केंद्रीय मंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी के राज में बिचौलियों का एक मजबूत और संगठित तंत्र फलता-फूलता रहा है। जबकि, दूसरी ओर अन्नदाता किसान अपने ही राज्य में संघर्ष करने को मजबूर हैं। किसान खेतों में खूब पसीना बहाते हैं, लेकिन अव्यवस्था उन्हें उनके हक से दूर रखती है। प्रधान ने स्पष्ट किया कि अब यह स्थिति और नहीं चलेगी। उन्होंने दोहराया कि गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा है कि भाजपा की सरकार बनते ही बंगाल का आलू ओडिशा, झारखंड और पूरे देश में पहुंचेगा, किसान को उसकी फसल का पूरा मूल्य मिलेगा और उसकी मेहनत का उचित सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।

धर्मेंद्र प्रधान ने इसे महज एक चुनावी घोषणा मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ घोषणा नहीं है, यह बंगाल के किसानों की इज्जत वापस लाने का संकल्प है।” उनके शब्दों में, बंगाल का किसान अब अन्याय सहने के लिए नहीं, बल्कि उसे खत्म करने के लिए खड़ा हो गया है।

बंगाल के आलू के लिए खुलेंगे देशभर के बाजार

इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसी मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि यहां के किसानों को उनकी उपज का सही दाम इसलिए नहीं मिलता, क्योंकि ममता दीदी के घमंड ने तय कर दिया है कि बंगाल का आलू झारखंड और ओडिशा नहीं जाएगा। इस वजह से बंगाल के आलू किसान बेहद परेशान हैं। शाह ने सीधे तौर पर वादा किया था, “मैं वादा करता हूं कि जैसे ही बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा, यहां का आलू ओडिशा, झारखंड और पूरे भारत में जाएगा।” यह बयान किसानों के लिए एक बड़ी राहत का संकेत है, जो लंबे समय से अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार की तलाश में हैं।

आलू किसानों को लेकर अमित शाह ने की थी महत्वपूर्ण घोषणा

किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम दिलाने के लिए शाह ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि आलू किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिलना चाहिए। इसलिए, यहीं विष्णुपुर में, भारत के सहकारिता मंत्रालय द्वारा अच्छे आलू के बीज बनाने का प्लांट लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि अब बंगाल के किसानों को आलू के बीज पंजाब से नहीं मंगवाने पड़ेंगे, वे यहीं पैदा होंगे। शाह ने विश्वास दिलाया कि वे ऐसा इंतजाम करेंगे जिससे यहां का आलू पूरे भारत में आसानी से पहुंच पाए।

अमित शाह ने अपने वादे को और मजबूत करते हुए कहा था, “मैं साफ-साफ कहता हूं, जिस शाम बीजेपी का कोई मुख्यमंत्री शपथ लेगा, उसी शाम झारखंड और ओडिशा में आलू ले जाने की इजाजत दे दी जाएगी।” यह एक त्वरित और निर्णायक कार्रवाई का भरोसा दिलाता है, जो किसानों के लिए बेहद अहम है। यह घोषणा दर्शाती है कि भाजपा इस मुद्दे पर कितनी गंभीरता से विचार कर रही है और सत्ता में आने पर तत्काल कदम उठाने को तैयार है।

भाजपा नेताओं के इन बयानों से साफ है कि आगामी चुनाव में बंगाल के आलू उत्पादक किसानों का मुद्दा एक बड़ा चुनावी हथियार बनने वाला है। आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं को उठाकर भाजपा ग्रामीण वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है और उन्हें टीएमसी सरकार की नीतियों से असंतुष्ट दिखाने का प्रयास कर रही है। यदि ये वादे पूरे होते हैं, तो न केवल बंगाल के आलू किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा मिल सकती है। बिचौलियों का खत्म होना और सीधे बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित होना किसानों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews