असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार, 11 अप्रैल को राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम धाम में दर्शन के बाद एक बड़ा राजनीतिक दावा किया है। दरअसल उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी असम विधानसभा चुनाव में 90 से 100 सीटें जीतकर रिकॉर्ड प्रदर्शन करेगी, जो पिछले चुनाव के नतीजों से भी बेहतर होगा। बता दें कि असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। मुख्यमंत्री सरमा का 90 से 100 सीटों का दावा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 86 सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसमें भाजपा की अपनी 60 सीटें थीं। ऐसे में इस बार सरमा का दावा पिछले चुनाव से भी बेहतर प्रदर्शन का संकेत देता है।
कांग्रेस के आरोपों पर सरमा का सख्त रुख
वहीं मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। खाटू श्याम जी मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। कई नेता चुनाव से पहले या बाद में यहां आकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर राजनीति की बात करना उचित नहीं है। सरमा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह एआई तकनीक के जरिए बनाए गए फोटोशूट का मामला है और कानून इस पर अपना काम करेगा।
भाजपा नेताओं ने किया स्वागत
दरअसल मुख्यमंत्री के खाटू श्याम के आगमन पर भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज बाटड और खंडेला विधायक सुभाष मील भी इस दौरान मौजूद रहे। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और कई अधिकारी मौके पर तैनात रहे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का यह बयान और धार्मिक दौरा असम की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर चुनाव परिणामों पर रहेगी कि उनका यह दावा कितना सही साबित होता है।
इस पूरे घटनाक्रम को असम की राजनीति और आने वाले परिणामों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हिमंता बिस्वा सरमा, जो असम में भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार और चेहरा रहे हैं, का यह दावा पार्टी के आत्मविश्वास को दर्शाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव परिणाम आने पर उनका यह अनुमान कितना सटीक बैठता है। धार्मिक आस्था और राजनीतिक बयानबाजी का यह मेल भारतीय राजनीति में कोई नया नहीं है, लेकिन सरमा का सीधे सीटों की संख्या बताना एक बोल्ड मूव माना जा रहा है। यह दौरा और उसके साथ किया गया दावा, असम के चुनावी परिदृश्य को और भी रोचक बना देता है।






