बिहार चुनाव से पहले वहां मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने सामने आ गए हैं, राहुल गांधी चुनव योग पर जमकर हमलावर हैं, उन्होंने दावा किया है कि कर्नाटक में फर्जी वोटर्स के पक्के सबूत उनके पास हैं, उधर चुनाव आयोग के जवाब से वे और भड़क गए और आयोग के बयान को नॉनसेंस बताया।
मानसून सत्र का आज चौथा दिन है और भी संसद में SIR का मुद्दा छाया रहा, इंडी गठबंधन के घटक दलों ने आज फिर संसद परिसर में प्रदर्शन किया, संसद के दोनों सदनों में भी गतिरोध कायम रहा है , शोर शराबे के बीच सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा।
चुनाव आयोग का बयान बकवास : राहुल गांधी
चुनाव आयोग द्वारा विपक्षी दलों द्वारा उठाये जा रहे सवाल पर दिए गए जवाब पर जन मीडिया ने राहुल गांधी से उनका रिएक्शन मांगा तो वे भड़क गए, उन्होंने कहा ये बहुत सीरियस मैटर है उन्होंने कहा निर्वाचन आयोग भारत के निर्वाचन आयोग की तरह काम नहीं कर रहा आज उन्होंने जो बयान दिया है वो नॉनसेंस है पूरी तरह बकवास है हकीकत ये है कि चुनाव आयोग अपना काम नहीं कर रहा।
राहुल गांधी का दावा हमारे पास 100 प्रतिशत सबूत
राहुल गांधी ने कहा कि हमारे पास चुनाव आयोग द्वारा कर्नाटक में कराई गई चीटिंग के ठोस सबूत हैं हमने केवल एक विधानसभा देखी और ये हाल निकला हम 100 प्रतिशत प्रूफ दिखायेंगे, उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में नए वोटर जिनकी उम्र 50 साल, 60 साल , 65 साल है जोड़े जा रहे हैं मतदाता हटाये जा रहे हैं जोड़े जा रहे हैं हमने ये सब पकड़ा है।
चुनाव आयोग बच नहीं सकता, हम रोकेंगे
राहुल गांधी ने कहा हम चुनाव आयोग को ये सन्देश देना चाहते हैं कि यदि वो समझता है कि वो इससे बच निकलेगा तो आप गलत सोच रहे हैं आपके अधिकारी ऐसा सोच रहे हैं तो आप गलती कर रहे हैं हम आपके सामने खड़े हैं आपको चुनाव चोरी नहीं करने देंगे।
ये बयान आया है चुनाव आयोग का
आपको बता दें , विपक्ष द्वारा लगातार SIR का विरोध करने , चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बाद आज एक बयान सामने आया जिसमें निर्वाचन आयोग की तरफ से कहा गया” भारत का संविधान ही तो भारत के लोकतंत्र की जननी है, तो क्या, इन बातों से डर कर चुनाव आयोग ऐसे लोगों के बहकावे में आकर, मरे हुए मतदाताओं, स्थायी तौर से प्रवास कर गये मतदाताओं, दो जगह वोट बनवा चुके मतदाताओं, फ़र्ज़ी मतदाताओं या विदेशी मतदाताओं के नाम पर फ़र्ज़ी वोट डालने के मार्ग को पहले बिहार में, फिर पूरे देश में, संविधान के विरुद्ध जाकर ऐसे लोगों को अनुमति दें दें?
