Railway Rules: जान लें रेलवे से जुड़े ये 5 नियम, सफर हो जाएगा आसान, टेंशन फ्री होगी यात्रा

Railway Rules: जान लें रेलवे से जुड़े ये 5 नियम, सफर हो जाएगा आसान, टेंशन फ्री होगी यात्रा

Railway Rules: सफर के लिए भारत में रेलवे सबसे पसंदीदा, सुरक्षित आरामदायक और सस्ता साधन माना जाता है। भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों की सुविधाओं के लिए कई नियम बना रखें हैं। जिसका पालन यात्रा के दौरान करना पड़ता है। टेंशन फ्री यात्रा के लिए सभी लोगों को इन नियमों की जानकारी होनी चाहिए। ऐसे ही कुछ नियमों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

रात में करना होता है इन नियमों का पालन

रात 10:00 बजे के बाद रेलवे के नियम दिन के मुकाबले दिन के मुकाबले काफी अलग होते हैं। रात में टीटीई को टिकट चेक करने की अनुमति नहीं होती है। सामूहिक यात्रा करने वाले लोग आपस में बातचीत भी नहीं कर सकते। 10 बजे के बाद लाइट ऑफ हो जानी चाहिए। मिडल बर्थ वाला व्यक्ति मिडल बर्थ पर सो सकता है, इसपर लोवर बर्थ वाला यात्री कोई भी सवाल नहीं कर सकता है।

लगेज से जुड़े नियम

ट्रेन में सफर के दौरान लगेज के नियम भो रेलवे द्वारा निर्धारित किए गए हैं। नियमों के मुताबिक एक यात्री ट्रेन में सफर करने के दौरान 40 से 70 किलोग्राम तक का सामान ही अपने साथ लेकर आ सकता है। उसे अधिक सामान होने पर उसे किराए का भुगतान करना पड़ता है।

वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को मिलनी चाहिए प्राथमिकता

नियमों के अनुसार किसी भी खाली पड़े बर्थ का पहला हकदार वेटिंग लिस्ट वाला यात्री होता है। इस स्थिति में टीटीई को अन्य यात्रियों के मुकाबले वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को ज्यादा महत्व देना होता है।

शोर करने की नहीं होती अनुमति

आपने देखा होगा कि लोग अक्सर फुल साउंड में गाना सुनते हैं। रेलवे का  नियम इस बात की भी अनुमति नहीं देते। यात्रा के कोई भी यात्री शोर नहीं कर सकता ना ही उन्हें अन्य यात्रियों को परेशान करने का हक होता है। इस मामले में कैटरिंग स्टाफ, टीटीई और अन्य रेल कर्मियों को निर्देश भी दिए गए हैं। ताकि रेलवे में शिष्टाचार बना रहे।

प्लेटफॉर्म टिकट पर यात्रा

प्लेटफॉर्म टिकट पर यात्रा संभव है। आपके पास रिजर्वेशन टिकट नहीं है तो आप प्लेटफार्म टिकट खरीद कर भी ट्रेन पर चढ़ सकते हैं। उसके बाद टिकट चेकर से संपर्क करें और टिकट बनवा लें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews