राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए आज वोटिंग, बिहार, ओडिशा और हरियाणा में फंसा पेंच, जानें सीटों का पूरा समीकरण

राज्यसभा चुनाव के लिए सात राज्यों से शरद पवार और रामदास अठावले समेत 26 नेता निर्विरोध चुन लिए गए हैं। वहीं, बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है, जिसके लिए आज मतदान हो रहा है और शाम तक नतीजे भी आ जाएंगे।
राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए आज वोटिंग, बिहार, ओडिशा और हरियाणा में फंसा पेंच, जानें सीटों का पूरा समीकरण

राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है, लेकिन कुछ राज्यों में समीकरण अब भी उलझे हुए हैं। सात राज्यों से 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं, जिनमें एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा के विनोद तावड़े जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।

हालांकि, असली मुकाबला बिहार, ओडिशा और हरियाणा की सीटों पर देखने को मिल रहा है, जहां आज मतदान हो रहा है। इन राज्यों में पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और क्रॉस-वोटिंग की आशंका के चलते विधायकों को सुरक्षित रखने की कवायद भी जारी है। आज शाम तक इन रोमांचक मुकाबलों के नतीजे सामने आ जाएंगे।

बिहार: पांचवीं सीट पर एनडीए और महागठबंधन में सीधी टक्कर

बिहार में पांच राज्यसभा सीटों में से चार पर स्थिति लगभग स्पष्ट है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से रामनाथ ठाकुर और भाजपा से नितिन नबीन व शिवम कुमार की जीत तय मानी जा रही है। लेकिन सारा खेल पांचवीं सीट पर आकर फंस गया है। इस सीट पर एनडीए की ओर से उपेंद्र कुशवाहा और महागठबंधन की तरफ से एडी सिंह मैदान में हैं।

आंकड़ों के अनुसार, 35 विधायकों वाले महागठबंधन को यह सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। एआईएमआईएम के सभी 5 विधायकों ने तेजस्वी यादव की आरजेडी को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे महागठबंधन का पलड़ा भारी दिख रहा है। दूसरी ओर, एनडीए ने दावा किया है कि उपेंद्र कुशवाहा ही विजयी होंगे, जिसके लिए उन्हें महागठबंधन के कम से कम 3 विधायकों के वोटों की आवश्यकता होगी।

ओडिशा और हरियाणा का गणित

ओडिशा में भी मुकाबला कड़ा है। यहां 147 सदस्यों वाली विधानसभा में एक राज्यसभा सीट के लिए 30 वोटों की जरूरत है। बीजेपी और बीजद को दो-दो सीटें मिलने की संभावना है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और बीजद के सुजीत कुमार व संतृप्त मिश्रा का निर्विरोध चुना जाना तय है। असली मुकाबला चौथी सीट पर है, जहां बीजेपी को अपने तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए 8 और वोटों की जुगाड़ करनी होगी, जबकि उसके पास दो उम्मीदवारों की जीत के बाद अतिरिक्त वोट बचेंगे।

हरियाणा में कांग्रेस ने क्रॉस-वोटिंग के डर से अपने 31 विधायकों को हिमाचल प्रदेश शिफ्ट कर दिया है। 90 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के पास 48 सीटें हैं और सहयोगियों को मिलाकर यह संख्या 53 हो जाती है। एक सीट के लिए 31 वोटों की जरूरत है, ऐसे में बीजेपी के संजय भाटिया की जीत पक्की है। कांग्रेस के पास 37 सीटें हैं और उसकी भी एक सीट पक्की है। लेकिन बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल के मैदान में उतरने से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नंदाल को जीतने के लिए 9 वोटों की जरूरत है, जो कांग्रेस में सेंधमारी के बिना संभव नहीं है।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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