बुधवार सुबह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनसुनवाई कार्यक्रम में लोगों की शिकायतें सुन रही थीं। तभी एक शख्स, जिसकी पहचान राजेश खिमजी के रूप में हुई है, अचानक उनके करीब पहुंचा। उसने पहले सीएम का हाथ पकड़ने की कोशिश की और फिर उन्हें धक्का देकर गिराने का प्रयास किया।
यह सब इतनी तेजी से हुआ कि वहां मौजूद लोग और स्टाफ एक पल को सकते में आ गए। हालांकि, तुरंत ही सीएम के सुरक्षा कर्मियों ने राजेश को काबू में कर लिया और उसे पकड़ लिया गया। कार्यक्रम कुछ देर के लिए रुका लेकिन स्थिति को संभाल लिया गया।
मुख्यमंत्री का पहला बयान: “डरने वाली नहीं हूं”
हमले के बाद रेखा गुप्ता ने ट्विटर पर एक पोस्ट लिखकर अपना पहला बयान दिया। उन्होंने कहा, “यह हमला केवल मेरे ऊपर नहीं, बल्कि दिल्ली की सेवा और जनता की भलाई के संकल्प पर किया गया कायराना प्रयास है।”
रेखा गुप्ता ने कहा कि हमले के बाद वो थोड़ी देर के लिए सदमे में थीं, लेकिन अब बिल्कुल ठीक महसूस कर रही हैं। उन्होंने अपने शुभचिंतकों से अपील की कि उनसे मिलने के लिए परेशान न हों। वह जल्द ही फिर से काम पर लौटेंगी और जनता के बीच नजर आएंगी।
अब पहले से ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करूंगी
सीएम ने कहा कि इस तरह के हमले उनके हौसले को तोड़ नहीं सकते। “अब मैं पहले से कहीं अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ जनता के बीच रहूंगी। आपका विश्वास और समर्थन मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि जनसुनवाई और जनता की समस्याओं को गंभीरता और प्रतिबद्धता से पहले की तरह ही हल किया जाएगा। उन्होंने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद और शुभकामनाएं उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।
हमलावर की जांच में जुटी पुलिस और एजेंसियां
इस घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गई हैं। आरोपी राजेश खिमजी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब उससे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूछताछ कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, राजेश पर पहले से ही 5 आपराधिक केस दर्ज हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह दिल्ली कब आया, किससे मिला, कहां-कहां गया और इस हमले के पीछे किसी संगठन या व्यक्ति का हाथ है या नहीं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि उसे इस काम के लिए किसी ने उकसाया या पैसे दिए थे।





