केंद्र के बाद हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी सौगात देते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की दरों में संशोधन किया है। राज्य की नायब सिंह सैनी सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते और राहत में 2% की वृद्धि की है, जिसके बाद डीए/डीआर की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। इस सबंध में वित्त विभाग ने 28 अप्रैल 2026 को आदेश भी जारी कर दिए हैं।
यह निर्णय केंद्र सरकार की तर्ज पर लिया गया है और इसका लाभ उन सभी कर्मचारियों को मिलेगा जो 7वें वेतन आयोग के ढांचे के तहत वेतन या पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। इसमें नियमित सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी, 7वें वेतन आयोग के तहत कार्यरत कर्मचारी अधिकारी शामिल है। वित्त विभाग के निर्देशानुसार, डीए और डीआर की गणना करते समय यदि राशि में 50 पैसे या उससे अधिक के अंश आते हैं, तो उन्हें अगले उच्च रुपए में राउंड ऑफ कर दिया जाएगा। यदि अंश 50 पैसे से कम हैं, तो उन्हें नजरअंदाज किया जाएगा।
नई दरें जनवरी 2026 से लागू, एरियर का होगा भुगतान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, ऐसे में कर्मचारियों को पिछले चार महीनों (जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल) का एरियर (बकाया) भी दिया जाएगा। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और राहत (DA/DR) मई 2026 के वेतन और पेंशन के साथ जुड़कर आएगा। वहीं, जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक की अवधि का जो बकाया (Arrears) है, उसका भुगतान जून 2026 में किया जाएगा।
क्या होता है मंहगाई भत्ता
महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च-अप्रैल और अक्टूबर-नवंबर के आसपास होता है। केन्द्र सरकार के ऐलान के बाद राज्य सरकारों द्वारा घोषणा की जाती है।







