Pensioners Pension 2023 : लाखों पेंशनरों के लिए अच्छी खबर है। अब पेंशनर्स पेंशन संबंधित कोई भी अपनी शिकायत दर्ज कराने पेंशन अदालत की मदद ले सकते है। वही आप प्रधान लेखा सामान्य कार्यालय में पेंशन से संबंधित शिकायतों को दर्ज कर सकते हैं। कुछ टोल-फ्री नंबर और वॉइसमेल सेवाएं अब शुरू की गई हैं और पेंशनभोगी अपनी चिंताओं के समाधान के लिए इसका लाभ उठा सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंशनरों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए पेंशन अदालत का गठन किया गया है, इसके माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन स्वीकृति एवं वितरण संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाता है और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर जल्द एवं सही निस्तारण किया जाता है। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा चलाई जाती है, इसके तहत पेंशनभोगियों को तय न्यूनतम पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में EPS-95 के तहत आने वाले पेंशनभोगियों की संख्या करीब 75 लाख है और 6 करोड़ से ज्यादा शेयरधारक भी शामिल हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए EPFO सब्सक्राइबर होना जरूरी है। इसमें हर महीने किसी भी EPFO सब्सक्राइबर यानी मेंबर की सैलरी से EPF अकाउंट में एक तय रकम जमा होती है, इसमें से 8.33% राशि पेंशन मद में जाती है।पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करनी होगी और रिटायरमेंट की आयु 58 वर्ष है। EPF सदस्य 50 साल की उम्र से कम दर पर अपना EPS भी निकाल सकता है।
महत्वपूर्ण जानकारी
58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति पर सदस्य पेंशन, बेरोजगारी के मामले में 50 वर्ष की आयु से पहले समयपूर्व सदस्य पेंशन, सेवा के दौरान सदस्य की स्थायी और पूर्ण अक्षमता के मामले में विकलांगता पेंशन और सदस्य की मृत्यु पर विधवा/विधुर पेंशन या पेंशनभोगी, सदस्य/पेंशनभोगी की मृत्यु पर 25 वर्ष की आयु तक एक बार में 2 बच्चों के लिए बाल पेंशन और सदस्य या पेंशनभोगी की मृत्यु या पति या पत्नी की मृत्यु पर 25 वर्ष की आयु तक एक समय में 2 अनाथों को अनाथ पेंशन ,सदस्य की मृत्यु पर नामांकित पेंशन और EPS- 95 के तहत परिभाषित परिवार नहीं होने की स्थिति में सदस्य द्वारा आजीवन नामांकित व्यक्ति को भुगतान किया जाता है। वही सदस्य की मृत्यु पर आश्रित पिता या माता को पेंशन, बशर्ते सदस्य का कोई परिवार या नामांकित व्यक्ति न हो।
ऐसे दर्ज करें ऑनलाइन शिकायत
- इसके लिए पेंशनरों को रजिस्टर मोबाइल नंबर या ई-मेल पर एक लिंक भेजा जाएगा।
- पेंशनर लिंक पर क्लिक करेंगे, जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
- पेंशनरों को अपना 12 अंकों का PPO नंबर, खाता संख्या, पता और मोबाइल नंबर देना होगा।
- निर्धारित फॉर्म में Email ID भरकर पहले भेजना होगा।
- यदि शिकायत डाक द्वारा भेजी गई है तो लिफाफे के ऊपर पेंशन अदालत लिखना आवश्यक है।
इन नंबरों पर भी कर सकते है शिकायत
वित्त मंत्रालय ने कहा पेंशनभोगी ध्यान दें। अब आप प्रधान महालेखाकार कार्यालय में आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। टोल फ्री नंबर 1800-2200-14। सोमवार से शुक्रवार। सुबह 9.30 बजे से शाम 6 बजे तक। वॉइसमेल सेवा 020-71177775 24/7 उपलब्ध है। एक केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली भी है। यह एक ऑनलाइन कम्प्यूटरीकृत प्रणाली है जिसे पेंशनरों की शिकायतों के त्वरित निवारण के अलावा उन्हें त्वरित पहुंच प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है। इसके अलावा, पेंशनभोगी अपनी शिकायत के निवारण से संतुष्ट नहीं होने पर अपील कर सकते हैं।
