गणतंत्र दिवस परेड 2026: कर्तव्य पथ पर 2,500 कलाकारों संग ‘वंदे मातरम’ का ऐतिहासिक उत्सव

कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड 2026 इस बार इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का अनोखा संगम बनेगी। ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर 2,500 कलाकार भारत की आत्मा, परंपरा और विकसित भारत के सपने को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे।
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड 2026

हम हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के जरिए भारत की ताकत, संस्कृति और एकता को दुनिया के सामने रखते हैं। लेकिन इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं होगी, बल्कि यह इतिहास और भविष्य को जोड़ने वाला एक भावनात्मक उत्सव बनेगी। ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ इस आयोजन को और भी खास बना रही है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर करीब 2,500 कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे। नृत्य, संगीत और दृश्य कला के माध्यम से वे आज़ादी के संघर्ष, राष्ट्रगीत की भावना और ‘विकसित भारत’ के सपने को लोगों के दिलों तक पहुंचाएंगे। यह परेड सिर्फ देखने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महसूस करने का अनुभव होगी।

कर्तव्य पथ पर 2,500 कलाकारों का ऐतिहासिक प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में कर्तव्य पथ पर 2,500 कलाकारों का विशाल समूह प्रदर्शन करेगा। यह संख्या अपने आप में इस आयोजन की भव्यता को दिखाती है। कलाकार देश के अलग-अलग हिस्सों से आए हैं और सभी भारत की विविध संस्कृति का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस सामूहिक प्रदर्शन का मुख्य विषय है ‘स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र विकसित भारत’। मंच पर दिखाया जाएगा कि कैसे ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज है। कलाकारों की एक-एक प्रस्तुति में देशभक्ति, बलिदान और भविष्य की उम्मीद झलकेगी।

भारतीय शास्त्रीय नृत्यों से सजेगा कर्तव्य पथ

इस बार की गणतंत्र दिवस परेड में भारत के प्रमुख शास्त्रीय नृत्य रूपों को खास जगह दी गई है। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, कलाकार भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मणिपुरी जैसे नृत्य रूपों की प्रस्तुति देंगे। हर नृत्य शैली भारत के किसी न किसी क्षेत्र की पहचान है। इन प्रस्तुतियों के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि भारत भले ही भाषाओं, वेशभूषा और परंपराओं में अलग हो, लेकिन भावना और संस्कार में एक है।

ऑस्कर विजेता एमएम कीरावनी की संगीत रचना

इस भव्य कार्यक्रम की रचनात्मक टीम भी उतनी ही खास है। ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीत निर्देशक एमएम कीरावनी इस परेड के लिए विशेष संगीत तैयार कर रहे हैं। उनका संगीत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की भावना को नए रूप में लोगों तक पहुंचाएगा।

कीरावनी ने खुद सोशल मीडिया पर इस आयोजन का हिस्सा बनने पर गर्व जताया है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर संगीत तैयार करना उनके लिए सम्मान की बात है। उनका संगीत इस कार्यक्रम की आत्मा बनेगा, जो हर दर्शक के दिल को छूएगा।

अनुभवी कलाकारों की मजबूत रचनात्मक टीम

गणतंत्र दिवस परेड 2026 की सफलता के पीछे एक मजबूत और अनुभवी टीम काम कर रही है। गीतकार के रूप में सुभाष सहगल, एंकर के रूप में अनुपम खेर और कोरियोग्राफर के रूप में संतोष नायर जुड़े हैं।

पूरे कार्यक्रम का निर्देशन और पर्यवेक्षण संध्या पुरेचा कर रही हैं, जबकि रचनात्मक डिजाइन और परिधान की जिम्मेदारी संध्या रमन संभाल रही हैं। इन सभी नामों का मतलब है अनुभव, गुणवत्ता और विश्वसनीयता। यही वजह है कि यह परेड सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक यादगार प्रस्तुति बनने जा रही है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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